धमतरी गरियाबंद / छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग हीरा खदान से हीरे की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को नगरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 41 नग हीरा बरामद हुआ है. इसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि गरियाबंद के देवभोग खदान से हीरे की चोरी कर तस्करी किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी. तस्करों द्वारा ग्राहकों की तलाश में नगरी की तरफ आने की खबर मिलते ही पुलिस अफसरों ने पूरी टीम के साथ नगरी सांकरा मोड़ में मुक्तिधाम के पास पहुंचकर नाकाबंदी कर दी. दोनों तस्कर ग्राहकों की तलाश में धमतरी की तरफ ही आ रहे थे.
मंगलवार सुबह एक बाइक नगरी सांकरा मोड़ में आता पुलिस को दिखाई दिया. पुलिस के मुताबिक बाइक में दो युवक सवार थे. पूछताछ कर पर दोनों ने अपना नाम गोपीचंद मरकाम और बलिराम मेश्राम बताया. तलाशी लेने पर उनके कब्जे से कुल 41 नग हीरा बरामद हुआ. आरोपी हीरे को ग्राहकों के पास खपाने के लिए लेकर आ रहे थे. फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. वहीं एसपी बीपी राजभानु ने बताया कि हीरे के साथ दो आरोपी पकड़े गए हैं. आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
मोटरसाइकिल में दो युवक सवार थे जिन्हें पूछताछ करने पर युवकों ने अपना नाम गोपीचंद मरकाम पिता स्व. पुनुराम मरकाम 32 वर्ष ग्राम गहनासियार नगरी व बलिराम मेश्राम पिता महेश 30 वर्ष राम धवलपुर थाना मैनपुर गरियाबंद बताया. तलाशी लेने पर उनके कब्जे से कुल 41 नग हीरा बरामद हुआ. जिसे वे ग्राहकों के पास खपाने के लिये लेकर आ रहे थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. आरोपियों के खिलाफ धारा 379, 34 भादवीं एवं माइनिंग अधिनियम की धारा 4 (2) (1) के तहत कार्यवाई कर आगे पूछताछ की जा रही है.
देवभोग हालांकि गरियाबंद जिले में है लेकिन धमतरी के नगरी और ओडिशा की सीमा से भी लगा हुआ है. नक्सली प्रभावित इलाका और घने जंगलों के कारण अक्सर तस्कर धमतरी के रास्ते ही अपने काम को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं. इससे पहले भी धमतरी पुलिस ने कई बार हीरा तस्करों को पकड़ा है. लेकिन आज तक इस काले कारोबार के सरगना तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है.
