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बेटी से होता है नई पीढी का निर्माण – श्रम मंत्री राजवाड़े

** श्रम मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया विभिन्न ग्रामों के लिए प्रचार रथ को रवाना

कोरिया / प्रदेश के श्रम, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भईयालाल राजवाडे ने कहा है कि बेटी समाज की सबसे बडी पूंजी होती है और बेटी से ही नई पीढी का निर्माण होता है। श्री राजवाडे राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आज जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर स्थित रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित बेटी बचाओ-बेटी पढाओ और कोरिया जिले को आगे बढाओ अभियान को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व श्रम मंत्री श्री राजवाडे ने दीप प्रज्जवलित कर बेटी बचाओ-बेटी पढाओ और कोरिया जिले को आगे बढाओ अभियान का शुभारंभ किया। 

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श्रम मंत्री श्री राजवाडे ने राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ और कोरिया जिले को आगे बढाओ अभियान को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा बेटियों को बचाने, पढाने और उन्हें आगे बढाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होने कहा कि बेटी से नई पीढी का निर्माण होता है। एक बेटी शिक्षित होती है तो दो परिवार शिक्षित होते है और समाज एवं देश की तकदीर और तस्वीर बदलने में सार्थक होती है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह ने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान को एक आंदोलन का रूप दिया है। उन्होने कहा कि इस अभियान को हर क्षेत्र में पहुंचाकर सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जायेगा।

छत्तीसगढ शासन में संसदीय सचिव एवं भरतपुर-सोनहत क्षेत्र की विधायक श्रीमती चंपादेवी पावले ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा बेटियों को बचाने और आगे बढाने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज को भी चिंता करने की जरूरत है। श्रीमती पावले ने कहा कि समृध्द समाज बनाने में बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होने कहा कि बेटी परिवार की आन बान और शान होती है। उन्होने कहा कि शिक्षा से व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है और उन्हें समाज एवं देश में अलग पहचान मिलती है। इस हेतु उन्होने बेटियों को एक लक्ष्य तय कर शिक्षा ग्रहण करने की समझाईश दी।

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कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने कहा कि बेटियां हमारा सम्मान है। इस भाव से स्वच्छ एवं समृध्द कोरिया का निर्माण किया जा रहा है। उन्होने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढाओ जिला प्रषासन का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होने कहा कि स्कूलों में बालकों की अपेक्षा बालिकाओं की दर्ज संख्या में निरंतर वृध्दि हो रही है। आगामी वर्ष में बालक और बालिका की लिंगानुपात में निष्चित ही समानता आयेगी। कलेक्टर श्री दुग्गा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान को घर घर तक पहुंचाने के लिए पंपलेट, पोस्टर, वाल राईटिंग, शिविर टेलीफिल्म, कला-जत्था एवं जनप्रतिनिधियों के सहभागिता से व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इससे निष्चित ही सफलता मिलेगी।

इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री राजवाडे ने बेटी का सम्मान करने, बेटी को आगे बढने का अवसर प्रदान करने, बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या, लिंग भेद, दहेज प्रथा जैसी बुराईयों से दूर रहकर सभी बुराईयों को समाज से मिटाने हेतु उपस्थित नागरिकों को शपथ दिलाई। इसी तरह उन्होने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान को सार्थक बनाने के लिए स्टीकर का विमोचन किया एवं विभिन्न ग्रामों के लिए प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रवेश सिसोदिया ने महिला बाल विकास द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।

इस अवसर पर बैकुण्ठपुर अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अरूण कुमार मरकाम, जिला बाल संरक्षण ईकाई चाईल्ड लाईन, सखी सेंटर, उज्जवला केंद्र एवं नवा बिहान के अधिकारी कर्मचारी सहित मीडिया के प्रतिनिधिगण और बडी संख्या में बालिकाएं एवं नगरवासी उपस्थित थे।

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