00 पूर्व महापौरों की तस्वीरों के अपमान से आहत पूर्व महापौर ने बेहद तल्ख लहजे में वर्तमान महापौर व आयुक्त को पत्र लिखकर कहा, “भूत – वर्तमान के मिलने से बनता है भविष्य”
00 भगवत गीता का उद्धहरण स्मरण कराते हुए लिखा कि जो आज तेरा है, वो कल किसी और का होगा, इसलिए वर्तमान को सम्भालते हुए पूर्व को सम्मान देना चाहिए
00 06 महीने में ही महापौर कक्ष के दुबारा पुताई कराने पर भी सवाल उठा
कोरिया चिरिमिरी / नगर पालिक निगम चिरमिरी में पूर्व महापौरों के लगे फोटों को हटा दिए जाने को लेकर पूर्व और वर्तमान महापौर के बीच राजनीतिक रशाकशी मची हुई है। चिरमिरी नगर निगम कार्यालय के महापौर कक्ष में पूर्व महापौरों के तस्वीरों के साथ निगम अमले द्वारा अपमानजनक व्यवहार करने से आहत पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने वर्तमान महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल व आयुक्त सुश्री सुमन राज को बेहद तल्ख लहजे में पत्र लिखकर कहा है कि कार्यालय में पूर्व जनप्रतिनिधियों के योगदानों को सहेजने के दृष्टिकोण से उन्हें सम्मान देने की एक नई परम्परा को प्रारम्भ करने के तहत लगाए गए तीनो पूर्व महापौरों के हटाये गए फोटों को तत्काल दुरुस्त कर सम्मान के साथ पूर्ववत निर्धारित स्थान पर तत्काल लगाया जावे।

पूर्व की स्थिति…. 
कुछ दिन पहले की स्थिति… 
श्री रेड्डी ने अपने पत्र में कहा है कि चिरमिरी नगर पालिक निगम में आपके पूर्व कार्यकाल तक के अब तक के तीनों महापौर स्व. सुभाषिनी सिंह जी (2005 से 2009), श्री डम्बरु बेहरा जी (2010 से 2014) एवं मेरा (2015 से 2019) तक के कार्यकाल के महापौरों के फोटो लगाकर शहर विकास में अपना योगदान देते हए जनता जनार्दन के विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने वाले सभी महापौर को एक सम्मान देने का कार्य किया था। बाद में माननीय तीनों सभापति के फोटो को भी सभापति कक्ष में लगाये जाने की योजना थी। लेकिन कार्यालय के असहयोगात्मक रवैये एवं आदर्श आचार संहिता के लग जाने के कारण यह कार्य अधूरा रह गया। परन्तु मेरी कल्पना थी कि आने वाले कार्यकाल के महापौर साथी, मेरे कार्यकाल में अधूरे रह गए इन कामों को सहृदयता से आगे बढ़ायेगें। लेकिन आपके इस कार्यकाल में शहर के तीनों महापौरों के तस्वीरों को कक्ष के पुताई के नाम पर, लगभग तीन महीनों से निकाल कर कभी कार्यालय के मेन गेट के पास, तो कभी तकनीकी शाखा के एक कोने में बेहद अपमानजनक रूप से फेंक दिया गया है, जो बेहद ही अशोभनीय एवं निन्दनीय है।
श्री रेड्डी ने अपने पत्र में आगे कहा है कि विश्व भर में श्रेष्ठ हमारे भारतीय सभ्यता में अपने पूर्वजों को सम्मान देने की परम्परा का निर्वहन करते हुए मैंने ग्वालियर, रायपुर जैसे नगर निगमों का दौरा करने के उपरान्त वहाँ देखकर, अपने यहाँ भी इस परम्परा की शुरुआत करने के इरादे से विशेष रुचि लेते हुए तीनों महापौरों के तस्वीरों को सम्मान दिया था। लेकिन इनको हटाया जाना, बेहद अफसोसजनक है। पूर्व महापौर ने पत्र में आगे यह भी कहा है कि भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों के मिलने से ही इतिहास बनता है। अकेला एक कार्यकाल कभी कुछ नहीं कर पाया है, यही इतिहास की गाथा है। लेकिन वर्तमान में भूतकाल का असम्मान बेहद अफसोसजनक है। श्री रेड्डी ने आगे कहा कि 10 मई को जैसे ही मुझे निगम प्रशासन द्वारा किये गए इस अपमान एवं आपत्तिजनक नियति की जानकारी मिली, मैनें तत्काल चिरमिरी के महापौर व विधायक को व्हाट्सएप कर, बाहर फेकाये फोटो भेजकर वास्तविक जानकारी देते हुए इस सम्बंध में अवगत कराया था। किंतु आज लगभग डेढ़ महीने से भी अधिक समय गुजर जाने के बाद भी पुराने फोटो के अपने नियत स्थान पर न लगाया जाना नगर निगम के सुस्त और लचर कार्यप्रणाली का एक उदाहरण सा लगता है। या यह भी हो सकता है कि जानबूझकर ऐसा किया जा रहा हो। यदि ऐसा है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
श्री रेड्डी में अपने इस पत्र में बेहद तल्ख लहजे में कहा है कि वर्तमान आयुक्त सुश्री सुमन राज तो मेरे कार्यकाल में भी पदस्थ थी। जिनके साथ मिलकर हमने पूर्व महापौरों के योगदानों को सम्मान देते हुए याद रखने हेतु इस कार्य को किया था, फिर भी उन्हें इस अपमानजनक घटना की जानकारी नहीं मिली होगी यह समझ से परे है। जबकि उसी कक्ष में महापौर परिषद की बैठकें होती हैं। यह भी समझ नहीं आ रहा है कि दिसम्बर में चुनाव के बाद कमरे की पुताई होने के बाद फिर इसी साल महज 06 महीनों में ही मई 2020 में कमरों की पुताई की आवश्यकता क्यों पड़ी, क्या पुराने पुताई का क्वालिटी खराब था? पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने वर्तमान महापौर श्रीमती कंचन जायसवाल व आयुक्त सुश्री सुमन राज से इस संवेदनशील मुद्दे को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम के महापौर कक्ष में लगे तीनो पूर्व महापौरों के हटाये गए फोटों को तत्काल दुरुस्त कर पूर्ववत निर्धारित स्थान पर लगाने की मांग की है।।
