उत्तर प्रदेश में 62 गैर जरूरी कानून खत्म करने की तैयारी

लखनऊ / आज 11 बजे से उत्तर-प्रदेश मानसून विधान सभा सत्र फिर से शुरू हो गया. इस बार उत्तर-प्रदेश सरकार कई पुराने कानूनों में बड़े बदलाव करने जा रही है. इस बार डेढ़ दर्जन से अधिक विधयेक रखे जाएंगे. इसके अलावा यूपी सरकार अनुपयोगी 62 कानूनों को खत्म कर देगी. यूपी सरकार ने यूपी निरसन विधेयक 2020 को कैबिनेट बाई सरकूलेशन की मंजूरी भी दे दी है.

इसके जरिए 62 गैर जरूरी कानूनों को समाप्त किया जा रहा है. आज इस विधेयक को राज्य विधानमंडल में पेश किया जाएगा. प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तरह राज्य में अप्रचलित और अनुपयोगी कानूनों को समाप्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी है. राज्य विधि आयोग ने 1289 अधिनियमों को समाप्त करने की संस्तुति भी दे दी है. आपको बता दें की अब तक 347 कानूनो को समाप्त किया जा चुका है.

वही 62 और अधिनियमों को समाप्त करने के लिए यूपी निरसन विधेयक, 2020 लाया जा रहा है. जिसमें खासतौर पर किशोरबंदी अधिनियम 1951, सहकारी समिति संशोधन अधिनियम 1972, पशुक्रय कर अधिनियम, यूपी गुंडा नियंत्रण संशोधन अधिनियम 1983 समेत कुल 62 अधिनियम है.

आपको बता दे 20 अगस्त को शुरू हुए विधानसभा सत्र के दौरान पहले दिन निधन के प्रस्ताव रखा गया तो वही दूसरे दिन भी देवरिया के विधायक और सदन के वरिष्ठ सदस्य जनमेजय सिंह के निधन को लेकर शोक सभा के बाद सदन कि 22 अगस्त तक के लिए स्थगित किया गया. लेकिन विधायी काम काज और सीमित दिनो को देखते हुए शनिवार के दिन विशेष सत्र बुलाकर तमाम जरूरी विधेयकों को पास करवाना भी सरकार के लिए बड़ी जिम्मेदारी है.

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