00 हितग्राही मूलक काम छोड़, पक्का निर्माण करा रहे तकनीकी सहायक।
कोरिया बैकुण्ठपुर / बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत में कार्यरत तकनीकी सहायक अशोक नारायण बैरागी जो डिप्लोमाधारी है इनका काम हितग्राही मूलक जैसे डबरी निर्माण, भूमि समतलीकरण, मेढबंदी, कुंआ निर्माण, तालाब निर्माण, मिट्टी सड़क बनाने जैसे कामों को छोड़ पक्का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जो नियम विरूद्ध है जबकि पक्का निर्माण कार्यो के लिये पहले से ही इंजिनियर मौजुद है इसके बावजुद इन इंजिनियरों से न करा कर एक तकनीकी सहायक से कार्य कराया जा रहा है जो समझ के परे है।
जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर में पदस्थ तकनीकी सहायक अशोक नारायण बैरागी के अंतर्गत 17 पंचायतों का प्रभार है पर 17 पंचायतों में बराबर काम न करके चुनिंदा पंचायतों में जहां उनका सम्बन्ध अच्छा है उस पंचायतों में करोड़ो का काम करने का आरोप पंचायत प्रतिनिधीयों द्वारा लगाया जा रहा हैं यह कहा जा रहा है कि कुछ पंचायतों पर सहायक तकनीकी मेहरबान है जहां से उन्हें ज्यादा मुनाफा हो रहा है। वहीं तकनीकी सहायक पर प्रशासन मेहरबान है जिस वजह से हितग्राही मूलक काम छोड पक्का निर्माण काम करवा रही है वहीं जपं व आरईएस के डीग्री इंजिनियर खाली बैठकर वेतन पका रहे है। जबकि सहायक तकनीकी के खिलाफ खडगवां पंचायत में निर्माण कार्यो में भ्रष्टाचार को लेकर मामला थाने में लंबित है। ऐसे कर्मचारी पर प्रशासन अपनी मेहरबानी बनाकर उससे काम करा है जिससे प्रशासन का भी नाम खराब हो रहा है। तकनीकी सहायक की शिकायत जनपद से लेकर जिला तक हो रही है उसके बावजुद पंचायतों में धड़ल्ले से करोड़ो का कार्य संचालित हो रहा है। ग्राम पंचायत जामपानी में 1 करोड़ 45 लाख का काम हो रहा है जिसमें से 1 करोड़ 3 लाख का निर्माण सामग्री जो मनरेगा के अनुपात पर नहीं बैठ रहा है। उसके बावजुद एक बड़ा सवाल यह भी है कि एक ही पंचायत में इतने बड़े राशि का काम कैसे संचालित है। वहीं जिन पंचायतों में काम की अंत्यन्त आवश्यकता है उन पंचायतों के सरपंच, सचिव काम मांगते नजर आ रहे है फिर भी काम नहीं मिलता।
जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यो की जानकारी जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को दिय जाता था। पर कांग्रेस सरकार आते ही विलोपित कर दिया गया। जनपद के प्रतिनिधियों को निर्माण कार्य की जानकारी तक नहीं हो पाती। इस समय जीते जनपद के प्रतिनिधी अपने आप को इस सरकार में अधिकार विहिन समझ रहे है। यही वजह है कि जनपद की बैठक भी कम हो रही है और जनप्रतिनिधी भी जनपद जाने को नहीं करते है। ऐसे में पद मात्र नाम का रह गया है।
बिहारी लाल राजवाड़े संचार संकर्म सभापति जपं बैकुण्ठपुर – मनरेगा के उद्देश्य पंजीकृत मजदूरों को रोजगार मुहैया करना पर जिला प्रशासन के द्वारा पक्के निर्माण कार्य आवश्यकतानुसार ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराये जा रहे है परंतु एक ही पंचायत जामपानी में एक ही वित्तीय वर्ष में लगभग 1 करोड 46 लाख काम तकनीकी सहायक द्वारा कराया जा रहा है। जबकि मनरेगा के कार्यो का प्राक्कलन 60:40 के अनुपात में होना होता है। ग्राम पंचायत जामपानी में प्राक्कलन के अनुसार काम 75:25 का अनुपात में है। तकनीकी सहायक द्वारा अपने चहते मटेरियल सप्लायर के द्वारा बिल लगाया जाता है जिसकी शिकायत मुझे ग्राम पंचायतों के सरपंच द्वारा लगातार मिल रहा है। सम्बन्धित पंचायतों में हो रहे निर्माण कार्य का अवलोकन के पश्चात अनिमियताओं की शिकायत कमिशनर मनरेगा रायपुर, पंचायत मंत्री माननीय टीएस सिंहदेव, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन को की जायेगी।
आपको बता दे कि ये वही अशोक नारायण बैरागी तकनीकी सहायक जिनके नाम पर कई लिखित शिकायत आज भी पेंडिंग हैं न जाने वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से प्रशासन जांच कार्य को रोके रखे हुए हैं।
