कोरिया / संसदीय सचिव अम्बिका सिंहदेव ने कोविड 19 की रोकथाम एवं इससे बचाव के लिए आर्थिक सहयोग हेतु एक माह का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष मे जमा किया। उन्होंने बताया कि इस संक्रामक बीमारी से राहत एवं बचाव के लिए इस पुनीत कार्य हेतु स्वेच्छापूर्वक मैं अपने एक माह का वेतन ₹1,23,000 शब्दों में एक लाख तेईस हज़ार रूपये मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा किया।
इसके साथ संसदीय सचिव श्रीमती सिंगदेव ने कोविड 19 संक्रमण के रोकथाम हेतु संलग्न किये गए शिक्षकों को कोरोना का टीका लगवाने एवं फ्रंटलाइन वर्कस का दर्जा सह सुविधा देने की मांग की हैं।
इस संबंध में उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के रोकथाम हेतु प्रदेश के शिक्षक समूह से कार्य लिया जा रहा है। इस कार्य में लगे 45 वर्ष से कम आयु के शिक्षकों को कोरोना का टीका नहीं लगा है जिससे इनको एवं इनके परिवार को संक्रमण का खतरा बना रहता है। जिस प्रकार राजस्व, स्वास्थ्य एवं पुलिस प्रशासन कोरोना संक्रमण के
रोकथाम एवं इससे बचाव हेतु कार्य कर रहे है उसी प्रकार शिक्षक समूह भी प्रशासन के आदेशानुसार संक्रमण के ख़तरे की बीच इस कार्य कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के रोकथाम हेतु संलग्न किये गए शिक्षकों को कोरोना का टीका लगवाने एवं फ्रंटलाइन वर्कस का दर्जा सह सुविधा देने सहित इन दोनों विषयों के अलावा भी एक महत्वपूर्ण विषय पर संसदीय सचिव श्रीमती अम्बिका ने मांग की हैं कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं उससे बचाव हेतु जिले में लगातार कन्टेनमेंट जोन की अवधि बन रही है जिससे आमजनों को मिलने वाली सेवायें अवरुद्ध हैं, इसी क्रम में बैंक में भी लेन देन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है जिससे आमजनों को उनके खाते में उपलब्ध राशि भी नहीं मिल पा रही है। कई ग्राम पंचायतों से यह जानकारी दी गयी है कि बैंक से राशि आहरण नहीं कर पाने के कारण ग्रामीण जनता को अपने आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएं नहीं मिल पा रही है जिस कारण वे अत्यंत चिंतित एवं परेशान हो रहे है। इस बीच लोग उधार लेकर काम चलाये है जिसे चुकाने का दबाव भी बन रहा है।
