कोरबा। पिता ने बुलेट वाहन नहीं दिलाई तो पुत्र ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। मानिकपुर चौकी क्षेत्र में सामने आई इस घटना की जानकारी मिलने के कुछ समय के बाद ही पुलिस ने उसे पत्थलगांव से बरामद कर लिया। अपने परिजनों को डराने के लिए छात्र मोबाईल पर मैसेज भी भेज रहा था। छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तब उसने खुद को अगवा करने की बात कुबूल ली।
कच्ची उम्र में बुलेट वाहन का शौक पाले स्कूली छात्र की मांग जब पिता ने पूरी नहीं की तब छात्र ने खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली और पुलिस के साथ ही परिजनों को परेशान करने लगा। हालांकि पुलिस ने चतुराई दिखाई और छात्र को पत्थलगांव से बरामद कर लिया। मानिकपुर चौकी क्षेत्र में रहने वाला 11 वर्षीय छात्र अपने पिता से बुलेट वाहन की मांग कर रहा था। लेकिन पिता ने वाहन चलाने की उम्र सही नहीं होने कारण उसकी मांग को पूरा करने में खुद को अक्षम बताया,पिता की इस हरकत से छात्र नाराज हो गया और खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। परिजनों को परेशान करने छात्र द्वारा मोबाईल में परिजनों को डरावने मैसेज भी भेज रहा था। पुलिस को जब इस बात की जानकारी मिली तब तत्पतरा दिखाते हुए मोबाईल लोकेशन के आधार पर उसका पीछा किया और पत्थलगांव से उसे दस्तियाब कर लिया।
मानिकपुर चौकी ललन सिंह पटेल ने बताया कि रात के वक्त मानिकपुर कालोनी में रहने वाले 8 वी में पढ़ने वाले छात्र की अपहरण की घटना सामने आयी इसके बाद पुलिस महकमे हड़कप मच गया परिजनों ने जब पूछताछ की गई बताया की उनके मोबाइल पर उसके ही नम्बर से अपहरण होने का मैसेज आ रहा है मारने की घमकी दी जा रही है फोन नही उठा रहा है किसी चारपहिया वाहन में उठा कर लेजाया जा रहा है इन सब बातों के आधार पर पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई जिसमे परमेश्वर राठौर और आलोक टोप्पो और अन्य पुलिस कर्मी लोकेशन के आधार पर पत्थलगांव रवाना किया गया जहां बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है आगे की कार्यवाही की जा रही है।
छात्र का बयान लेकर पुलिस ने उसे परिजनों के सुपूर्द कर दिया। पुलिस ने छात्र को काफी देर तक समझाया कि दिखावे में आकर परिजनों से अनुचित मांग नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से परिणाम सकारात्मक नहीं आते। पुलिस की बात सुनकर छात्र भी मान गया और परिजनों का कहना मानने की बात पर सहमति जताई।
