कोरिया / कोरिया जिला मुख्यालय के पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा कानून बवनाने की मांग की है, पर शासन – प्रशासन या जनप्रतिनिधियों से नहीं ? जी हाँ जिले के पत्रकारों ने इस बार देश के मशहूर बाबा घनश्याम के दरबार में पहुंच कर पत्रकार सुरक्षा कानून बवनाने की मांग की है।
पत्रकारों का मानना हैं की जिन्हे यह पत्रकार सुरक्षा कानून बनाना या लागु करना है वो सिर्फ बाबा घनश्याम की सुनते व पुजते हैं। इसलिए सभी पत्रकार एक हो कर बाबा की शरण में आए हैं।
प्रेस क्लब अध्यक्ष कमलेश शर्मा का कहना हैं की पूर्व में राज्य व केंद्र सरकार से मांग की गई है कि पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा कानून जल्द लागू किया जाए। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने से उन पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी जो जीवन को खतरे में डालकर पत्रकारिता कर रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों, माफिया, नेताओं और अपराधिक तत्वों को उजागर करने वाले पत्रकारों के लिए सुरक्षा आवश्यक है। पत्रकार के जीवन पर छाये हर पल खतरे को देखते हुये एक विशिष्ट कानून की जरूरत है जिससे कानून और व्यवस्था से जुड़े अधिकारी डर के बिना अपनी जिम्मेदारी निभा सकें। टेलीविजन समाचार चैनलों, ऑनलाइन मीडिया, मोबाइल फोन आदि ने पूरी तरह से देश में मीडिया का परिदृश्य बदल दिया है। मीडिया और पत्रकारों के सामने आज जो चुनौतियां है वह बहुत बदल गई हैं। आधिकारिक तौर पर वास्तविक स्थिति को समझने के लिए अभी तक किसी प्रकार का अध्ययन नहीं किया गया है। देश की तत्काल चुनौतियों और बदलते मीडिया के लिये एक शक्तिशाली मीडिया काउंसिल की जरूरत है।
ऐसे में पत्रकार लगातार मांग करता रहा पर अब जब कोई सुनवाई नहीं हुई हैं तब थक हार कर बाबा घनश्याम की शरण में जाना पड़ा हैं।
