रायपुर / “मी टू” की हर शिकायत को छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन नज़र अंदाज़ कर देता है। 3 साल में कई मामले सामने आए। बड़े दिग्गज भी घेरे में रहे,महिला कार्यकर्ताओं ने रो-रो कर दुखड़ा भी प्रदेश भाजपा के कर्णधारों को सुनाया परंतु कार्रवाई शून्य ही रही।
2 साल पहले रायपुर की एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर शिकायत की थी कि बिल्हा में एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने होली के दिन उनसे छेड़छाड़ की है। 4 महीने पहले उसी नेताजी पर अभनपुर की एक जनपद पदाधिकारी ने आरंग की एक सभा में बत्तमीजी का आरोप लगाया था।
आज रायगढ़ भाजपा का मामला सामने हैं। जानकारी के अनुसार एक महिला कार्यकर्ता ने स्थानीय बड़े पदाधिकारियों की शिकायत संगठन से की थी। इस पर प्रदेश की वरिष्ठ भाजपा नेत्री सरला कोसरिया जांच करने पहुंची तो 2 और कार्यकर्ता पीड़ित निकली।
वैसे भी यह कोई सरकारी जांच तो थी नहीं कि दोषियों पर कठोर कार्यवाही हो जाएगी, उन्हें सजा हो जाएगी। पता चला है कि ये कार्यकर्ता रायपुर पहुंचकर अपनी बात वरिष्ठों के समक्ष रखेंगी।
वैसे भी पीड़ित कार्यकर्ता एक सीमा तक अपनी बात कह पायेगी, उसके बाद लोक लिहाज के चलते चुप हो जायेंगी।
इस मामले में तो आरोपी बताये जा रहे जिले के मुखिया नेताजी खुली चेतावनी देते हुए कह रहे हैं कि किसी माई के लाल में हिम्मत है तो एफआईआर दर्ज करके दिखाये।
अब आप खुद ही समझ सकते हैं कि किस दादागिरी के साथ में राजनीति की जा रही है।उनका मतलब साफ है हम तुम्हें छेड़ेंगे और छोड़ेंगे भी नही।
