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संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने में बस्तर जिला पूरे राज्य में दूसरे पायदान पर

“सांघा-जाना” में दी जाती है गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व सभी आवश्यक जानकारी

जांच से लेकर सभी चिकित्सकीय सुविधा की जाती है प्रदान

रायपुर / बस्तर क्षेत्र में संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को संस्थागत प्रसव के प्रति प्रोत्साहित करने लिए बस्तर जिले में सांघा-जाना कार्यक्रम चलाया जा रहा है। आज बास्तनार विकासखंड के बड़े किलेपाल पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाट बाजार अवलोकन के दौरान इस कार्यक्रम से अवगत हुए।

गर्भावस्था के दौरान, महिलाएं अपनी तकलीफों को लेकर संकोच करती हैं। ऐसे में सही समय पर उनकी हर प्रकार की जांच सुनिश्चित हो, इसके लिए सांघा-जाना कार्यकम संचालित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर, उन्हे चार बार खून, रक्तचाप, वजन, ब्लड शुगर की जांच के लिए दूरभाष के मध्यम से सचेत किया जाता है। और महिलाओं को चिकित्सा केंद्र तक लाकर उनकी जांच की जाती है। प्रसव के पूर्व महिलाओं को अस्पताल में ही दाखिल कर लिया जाता है, ताकि जच्चा और बच्चा दोनो चिकित्सकीय देखरेख में रहे।

बस्तर जिला कलेक्टर रजत बंसल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस कार्यक्रम के संचालन से जिले में 99.9 प्रतिशत तक संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो रहा है। बस्तर जिला पूरे राज्य में संथागत प्रसव सुनिश्चित करने में दूसरे स्थान पर है। इस कार्यक्रम की बदौलत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी कमी दर्ज हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अभिनव पहल की सराहना की है।

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