कोरबा / शिकायत पत्र के अनुसार बात की जाए तो शिकायतकर्ताओं ने पत्र में लिखा है कि भुवनेश्वर महतो पत्रकार हसदेव एक्सप्रेस के द्वारा लगातार शिक्षा विभाग में पदस्थ अधिकारियों को प्रताड़ित करते हुए अर्नगल खबर छापते हुए अवैध वसूली की जा रही है। जिसके कारण हम अधिकारीगण की सामाजिक छवि धुमिल हो रही है एवं हम लगातार मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे है।
अपनी आदत से बाज न आते हुए इनके द्वारा आज दिनांक 13.10.2023 को हसदेव एक्सप्रेस वेबपोर्टल में शिक्षा विभाग की “आकांक्षी जिला कोरबा में 10 साल से जमें शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्वाचन आयोग का अभ्यदान। बीईओ, एपीओ, एपीसी को हटाने नही लिया संज्ञान” शीर्षक से न्यूज प्रसारित की गई जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी के अतिरिक्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी करतला संदीप पाण्डेय, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कोरबा संजय अग्रवाल के द्वारा आखों में धूल झोकी जाती है एपीओ एच.आर. मिरेन्द्र की कार्यप्रणाली चर्चित रही है, एपीसी विजय कौशिक अनुकम्पा एवं निर्माण कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर सांठगांठ करते हुए ठेकेदारी करते है। लिपिक देवनारायण चौकसे सहायक शिक्षक से प्रधानपाठक पदोन्नति में सबसे आगे निकल चुके है। एपीसी काजी रूखसार हुसैन आत्मानंद विद्यालय की भर्ती प्रक्रिया देखते है तथा डीएमएफ का महत्वपूर्ण कार्य भी देखते है इनकी भूमिका संदेहास्पद है।

ऐसी खबरों की प्रचार से हमारी सामाजिक स्थिति धूमिल हो रही है तथा हम लगातार मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे है। भुवनेश्वर महतो पत्रकार के द्वारा जिला शिक्षा विभाग में जिला कार्यालय के अतिरिक्त लगभग समस्त स्वामी आत्मानंद विद्यालय, विकासखण्ड कार्यालय, संकुल एवं विद्यालय स्तर पर लगातार सूचना के अधिकार अंतर्गत जानकारी मांगी जाती है तथा संबंधित प्रधानपाठक एवं संस्था प्रमुख, शाखा प्रभारी एवं अन्य अधिकारियों से व्यक्तिगत भयादोहन कर वसुली की जाती है इनके द्वारा स्वयं के खर्च के लिए एवं मिडिया में विज्ञापन के लिए तथा विगत कुछ माह पूर्व अपनी शादी के लिए भी लगभग सभी अधिकारियों से वसुली की गई है।
इसके अतिरिक्त यह भी उल्लेखित करना आवश्यक है कि इनके द्वारा जिला स्तर के लगभग सभी कार्यालयों में सूचना का अधिकार लगाया जाता है एवं मोटे रकम की मांग की जाती है तथा अधिकारियों द्वारा पैसा नही देने पर सोशल मिडिया पर उनके नाम से आधारहीन खबरे प्रसारित की जाती है। संबंधित के द्वारा पत्रकारिता अवैध वसूली का एक माध्यम है जिसमे भुवनेश्वर महतो अधिकारियों को ब्लैकमेल करते हुए पैसे की वसूली करते है।
यही वजह हैं कि शिकायतकर्ताओं ने मामले की जांच की मांग की हैं।
