बजट 2025 में आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C की छूटें बहाल हो – फेडरेशन
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बजट 2025 में वेतनभोगी कर्मचारियों को कर छूट एवं कटौतियों का लाभ पुराने टैक्स सिस्टम (ओल्ड टैक्स रेजीम) के अनुरूप दिया जाए। संगठन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं उप प्रांताध्यक्ष राजेंद्र सिंह दद्दा ने कहा कि न्यू टैक्स रेजीम में बचत और निवेश की प्रवृत्ति घट रही है, जो आर्थिक दृष्टि से उचित नहीं है।
80C और अन्य कर कटौतियों की बहाली आवश्यक
राजेश चटर्जी ने कहा कि आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C का प्रावधान पहले करदाताओं को बचत एवं निवेश के लिए प्रेरित करता था, लेकिन न्यू टैक्स रेजीम में यह सुविधा समाप्त कर दी गई। इससे कर्मचारियों की बचत घट रही है और वे निवेश करने में हिचकिचा रहे हैं। होम लोन, बीमा और पीएफ जैसी बचत योजनाओं में निवेश घटने से बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर पर भी प्रभाव पड़ा है।
टैक्सेबल इनकम और टैक्स स्लैब में सुधार की जरूरत
फेडरेशन ने टैक्स स्लैब में आवश्यक सुधार की मांग करते हुए कहा कि महंगाई बढ़ने के बावजूद कर योग्य आय की सीमा और कर स्लैब में अपेक्षित संशोधन नहीं हुआ। वर्तमान में मुद्रास्फीति बढ़ने से कर्मचारियों की क्रय शक्ति घट रही है और उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ (EPFO) को अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि कर्मचारी भविष्य के लिए सुरक्षित महसूस करें।
गृह ऋण पर कर छूट बहाल हो
वेतनभोगी कर्मचारियों को गृह ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु फेडरेशन ने आईटी एक्ट की धारा 80EE और 80EEA के तहत पूर्व में दी गई कर छूट को फिर से लागू करने की मांग की है। ओल्ड टैक्स रेजीम में गृह ऋण के मूलधन और ब्याज पर छूट मिलती थी, जो न्यू टैक्स रेजीम में नहीं है।
पेंशनभोगियों को भी मिले राहत
फेडरेशन ने सुझाव दिया कि पेंशनभोगियों के लिए अलग से कर राहत का प्रावधान किया जाए, ताकि वे बढ़ती महंगाई के बावजूद आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।
बचत और निवेश बढ़ेगा तो सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि बचत और निवेश को प्रोत्साहित किया जाता है, तो यह न केवल कर्मचारियों के हित में होगा, बल्कि सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें:
✔ आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C की छूटें न्यू टैक्स रेजीम में भी बहाल की जाएं।
✔ आयकर स्लैब में महंगाई और वेतन वृद्धि के अनुसार सुधार किया जाए।
✔ गृह ऋण पर कर छूट (80EE और 80EEA) को पुनः लागू किया जाए।
✔ पेंशनभोगियों के लिए विशेष कर राहत दी जाए।
✔ EPFO को अधिक सुदृढ़ किया जाए।
फेडरेशन ने केंद्र सरकार से अपील की है कि बजट 2025 में वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों को ध्यान में रखते हुए टैक्स नीति में सुधार किया जाए।
