रायपुर, 09 जून। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा राज्य भर में पुलिस विभाग के सहयोग से मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त छापामार कार्रवाई की जा रही है। इस विशेष अभियान के तहत संदेहास्पद मेडिकल संस्थानों की नारकोटिक दवाओं की बिक्री, बिलिंग प्रक्रिया और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है।
विभाग ने जानकारी दी है कि बीते दो माह में कुल 2920 मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त ‘नकॉर्ड’ (नेशनल नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन) की राज्य स्तरीय बैठक में मिले निर्देशों के आधार पर 3610 मेडिकल संस्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। अनियमितता पाए जाने पर 25 मेडिकल स्टोरों की अनुज्ञप्तियां निलंबित या निरस्त कर दी गई हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत दोषी पाए गए मेडिकल संस्थानों पर विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है।
ब्लड सेंटर्स होंगे पूरी तरह ऑनलाइन
छत्तीसगढ़ में अब 144 ब्लड सेंटर्स को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत किया जा रहा है। सभी संबंधित प्रक्रियाएं – जैसे लाइसेंस, नवीनीकरण और रिपोर्टिंग – भविष्य में केवल ऑनलाइन माध्यम से ही मान्य होंगी। राज्य सरकार ने सभी ब्लड बैंकों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और पंजीयन प्रक्रिया तेजी से प्रगति पर है।
