अहमदाबाद, 12 जून।
गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में गुरुवार को ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान टेकऑफ के चंद मिनटों बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी 242 लोगों की मौत हो गई।
घटना दोपहर करीब 1 बजकर 38 मिनट पर हुई जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी। विमान ने जैसे ही उड़ान भरी, कुछ तकनीकी खराबी के कारण संतुलन बिगड़ गया और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। कुछ ही क्षणों में विमान मेघानी नगर इलाके में स्थित चिकित्सकों के हॉस्टल पर आकर गिरा और जोरदार धमाके के साथ आग का गोला बन गया। हादसे के बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
पूरे विमान का कोई यात्री नहीं बच पाया
विमान में कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विमान का मलबा चारों तरफ बिखर गया और आग की तेज लपटों ने हर चीज को राख कर दिया। दमकल की दर्जनों गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं लेकिन तब तक सब कुछ समाप्त हो चुका था।
अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जीएस मलिक ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा, “यह देश के विमानन इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। सभी 242 लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव टीमों ने मौके से सभी शव बरामद कर लिए हैं।”

पायलट और क्रू भी मौत का शिकार
इस विमान को वरिष्ठ पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल उड़ा रहे थे, जिन्हें 8200 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था। प्रथम अधिकारी क्लाइव कुंडर भी अनुभवी सह-पायलट थे। लेकिन तकनीकी खराबी के आगे उनका अनुभव भी बेबस नजर आया।

देश-दुनिया में शोक की लहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे “राष्ट्रीय आपदा” करार दिया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, किंग चार्ल्स तृतीय, अमेरिका के राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी गहरा शोक जताया है।

बड़ी जांच शुरू, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जुटीं
घटना के कारणों की जांच के लिए डीजीसीए, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB), बोइंग कंपनी और अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की टीमें जांच में जुट गई हैं। तकनीकी गड़बड़ी या सिस्टम फेल्योर को प्राथमिक वजह माना जा रहा है।

एयर इंडिया ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
एयर इंडिया ने मृतकों के परिजनों और रिश्तेदारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-5691-444 जारी किया है। सरकार ने भी पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।


