इंट्रा डे ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी और फ्यूचर एंड ऑप्शन से पूरी तरह प्रतिबंध
लंबी अवधि के निवेश जैसे म्यूचुअल फंड, डिबेंचर और शेयरों की अनुमति
रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित एक बड़ा और अहम निर्णय लिया है। शासन ने नई अधिसूचना जारी कर यह स्पष्ट किया है कि अब कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी इंट्रा डे ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी में निवेश तथा फ्यूचर एंड ऑप्शन जैसे उच्च जोखिम वाले वित्तीय सौदों में भाग नहीं ले सकेगा।
यह फैसला सरकारी सेवकों के सेवा आचरण नियमों को आधार बनाकर लिया गया है। शासन का तर्क है कि इन अस्थिर वित्तीय साधनों में शासकीय कर्मियों की भागीदारी से हितों का टकराव, गोपनीयता में सेंध और वित्तीय अनियमितताओं की संभावना बढ़ती है।
शेयर बाजार में सट्टा नहीं, निवेश करें – सरकार की सलाह
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सरकार किसी भी कर्मचारी को निजी निवेश के अधिकार से वंचित नहीं कर रही है, लेकिन वह निवेश अवधि आधारित और सुरक्षित प्रकृति का होना चाहिए। इसके तहत निम्नलिखित निवेशों की अनुमति दी गई है:
शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट (Buy & Hold)
म्यूचुअल फंड्स
बॉन्ड्स व डिबेंचर में निवेश
जबकि प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल हैं:
इंट्रा डे ट्रेडिंग
फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग (F&O)
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और ट्रेडिंग
शॉर्ट सेलिंग और सट्टा आधारित सौदे
सेवा आचरण नियमों के तहत होगा दंड
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अधिसूचना का प्रभाव और पृष्ठभूमि
देशभर में बीते वर्षों में कई राज्यों और विभागों में इस विषय पर चर्चा रही है। केंद्र सरकार के कई विभागों ने पहले ही ऐसे प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस दिशा में कदम उठाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रशासन में पारदर्शिता और नैतिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
कर्मचारी संगठनों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
जहां कुछ कर्मचारी संगठनों ने इसे एक सकारात्मक फैसला बताया है, वहीं कुछ का मानना है कि इससे कर्मचारियों के निजी वित्तीय अधिकारों का दायरा सीमित हो सकता है।
