देशभर में 334 पार्टियां डीलिस्ट, अब केवल 6 राष्ट्रीय दल और 67 प्रादेशिक दल बचे
रायपुर। चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ की 9 राजनीतिक पार्टियों को पंजीकृत सूची से बाहर कर दिया है। ये सभी पार्टियां पिछले लगातार छह वर्षों से किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही थीं। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1955 की धारा 29ए के तहत की गई इस कार्रवाई में देशभर की कुल 334 राजनीतिक पार्टियां डीलिस्ट की गई हैं।
छत्तीसगढ़ की जिन पार्टियों की मान्यता रद्द हुई है, उनमें छग एकता पार्टी, छग मुक्ति मोर्चा, छग समाजवादी पार्टी, छग संयुक्त जातीय पार्टी, छग विकास पार्टी, पृथक बस्तर राज्य पार्टी, राष्ट्रीय आदिवासी बहुजन पार्टी, राष्ट्रीय मानव एकता कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय समाजवादी स्वाभिमान मंच शामिल हैं।
देशभर की स्थिति
चुनाव आयोग की ताजा सूची के अनुसार अब पूरे देश में केवल 6 राष्ट्रीय दल और 67 प्रादेशिक दल पंजीकृत हैं। इसके अलावा 2854 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल आयोग के पास सूचीबद्ध हैं।
क्यों हुई कार्रवाई?
चुनाव आयोग के अनुसार, जो भी पंजीकृत राजनीतिक दल लगातार छह वर्षों तक लोकसभा, राज्यसभा या विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेते, उन्हें सूची से हटा दिया जाता है। इसका उद्देश्य केवल सक्रिय राजनीतिक दलों को पंजीकरण सूची में बनाए रखना है ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में असर
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में छोटे क्षेत्रीय दलों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि डीलिस्ट होने के बाद ये दल चुनाव चिह्न का दावा नहीं कर सकेंगे और पंजीकरण से मिलने वाले अन्य लाभ भी खत्म हो जाएंगे।
