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शराब दुकान खोलने के फैसले पर भड़का गांव — भरर के ग्रामीण कलेक्टर दफ़्तर पहुंचे, दिया कड़ा ज्ञापन


दुर्ग। पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भरर में शराब दुकान खोलने की तैयारी ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शराब दुकान खोलने के प्रस्ताव के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


ग्रामीणों का कहना है कि भरर के पास मौजूद ग्राम घोरारी में लंबे समय से अवैध कच्ची शराब का कारोबार चलता आ रहा है। आबकारी विभाग कई बार कार्रवाई कर चुका है, लेकिन कारोबारियों के हौसले अब भी बुलंद हैं। कच्ची शराब से लोगों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध कारोबार पर रोक लगाने के नाम पर गांव में सरकारी शराब दुकान खोलने की बात कही जा रही है, जबकि यह समाधान नहीं, बल्कि नई समस्या बनेगी।


प्रदर्शन में मौजूद ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि गांव में शराब दुकान खुलने से सामाजिक माहौल बिगड़ेगा, युवाओं में शराब की लत बढ़ेगी और महिलाओं की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि प्रशासन अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर पूरी तरह नकेल कसे, पर गांव में किसी भी प्रकार की शराब दुकान को इजाज़त नहीं दी जाए।


इधर, सहायक आबकारी अधिकारी अशोक अग्रवाल का कहना है कि ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने और अवैध कच्ची शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में शराब दुकान खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना था कि स्वीकृत दुकान से शराब की बिक्री नियंत्रित तरीके से होगी और कच्ची शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगेगी।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शराब दुकान खोलने के निर्णय को वापस नहीं लिया, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा और इसकी पूरी ज़िम्मेदारी सरकार व विभाग की होगी।

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