रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल से लेकर शून्यकाल तक महिला एवं बाल विकास योजनाओं की अनियमितताओं, मोबाइल नेटवर्क की कमी, बेरोजगारी भत्ता और धान खरीदी में अव्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदन बार-बार बाधित हुआ। धान खरीदी पर स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने से नाराज विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और इंसीनरेटर पर सवाल
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्कूलों और कॉलेजों में लगाए गए सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल इंसीनरेटर के इंस्टॉलेशन, सत्यापन और रखरखाव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2020 से 2023 के बीच खरीदी गई मशीनों को कहां-कहां लगाया गया, इसका स्पष्ट विवरण जवाब में नहीं है।
कौशिक ने आरोप लगाया कि अधिकांश मशीनें संचालित ही नहीं हैं और जमीनी स्तर पर योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने सत्यापन करने वाली एजेंसियों, अधिकारियों के नाम और सत्यापन की तिथियों की जानकारी मांगी।
इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि विभाग द्वारा कुल 2943 मशीनें प्रदाय की गई हैं, जिनमें से 1630 मशीनें खराब पाई गई हैं। सत्यापन चार एजेंसियों के माध्यम से किया गया है। हालांकि जिलेवार और संस्थानवार जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर विधायक ने आपत्ति जताई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि संबंधित मामलों की जांच कराकर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
भरतपुर-सोनहत में मोबाइल नेटवर्क का मुद्दा
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक रेणुका सिंह ने सरगुजा संभाग के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की कमी का मामला उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि मुख्यमंत्री टावर योजना का उद्देश्य क्या है और क्षेत्र के कितने गांव आज भी नेटवर्क से वंचित हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री टावर योजना अभी प्रारंभ नहीं हुई है। दूरसंचार विभाग के अनुसार भरतपुर-सोनहत के 337 गांवों में से 47 गांव नेटवर्क विहीन हैं। इनमें से 40 गांवों को भारत सरकार की दूरसंचार योजना के तहत नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जबकि शेष गांवों पर कार्यवाही प्रस्तावित है।
बेरोजगारी भत्ता पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
बेरोजगारी भत्ते को लेकर प्रश्नकाल में विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। कांग्रेस विधायकों ने पूछा कि बजट में प्रावधान होने के बावजूद युवाओं को बेरोजगारी भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने जवाब में बताया कि 1 अप्रैल 2024 तक प्रदेश में 11 लाख 39 हजार 656 पंजीकृत बेरोजगार हैं और वर्तमान में यह संख्या करीब 15 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगार युवाओं को रोजगार इच्छुक मानते हुए प्रशिक्षण, रोजगार मेला और प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से अवसर उपलब्ध करा रही है। जल्द ही राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित कर 14 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देने का दावा किया गया।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया।
धान खरीदी में अव्यवस्था पर स्थगन प्रस्ताव
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने धान खरीदी में अव्यवस्था को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है, वन अधिकार पट्टा धारक किसानों को पंजीयन से वंचित रखा जा रहा है और टोकन समय पर नहीं मिल रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार धान खरीदना ही नहीं चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली, इंटरनेट और मोबाइल टावर की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर धान उठाव नहीं होने से सोसायटियों में धान सड़ रहा है।
लंबी बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य घोषित कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने सदन की आगे की कार्यवाही में शामिल न होने की घोषणा कर दी।
राजनीतिक माहौल गरम
सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही में साफ नजर आया कि किसान, युवा और महिला कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। विपक्ष ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया, जबकि सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताया।
शीतकालीन सत्र के आगामी दिनों में इन मुद्दों पर सदन में सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
