रायगढ़।
रायगढ़ जिले में जिंदल कोयला खदान को लेकर 8 दिसंबर को हुई कथित नियमविरुद्ध जनसुनवाई के विरोध में चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन बुधवार को उग्र हो गया। तमनार थाना क्षेत्र के मनार सीएचपी चौक पर जारी धरने को समाप्त कराने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिससे पूरा इलाका तनाव की चपेट में आ गया।
पुलिस के पहुंचते ही भड़का आक्रोश
ग्रामीण पिछले कई दिनों से जनसुनवाई को अवैध बताते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार को भी मनार सीएचपी चौक पर आंदोलन जारी था। इसी दौरान आंदोलन समाप्त कराने के लिए जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो प्रदर्शनकारी भड़क उठे और हालात बेकाबू हो गए।
पुलिस पर हमला, टीआई गंभीर घायल
झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस हमले में तमनार थाना प्रभारी (टीआई) कमला पुसाम बुरी तरह घायल हो गईं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।
आगजनी से फैली दहशत
उग्र प्रदर्शनकारियों ने घटनास्थल पर खड़ी एक बस और एक कार को आग के हवाले कर दिया। आगजनी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धुएं के गुबार से कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित रहा।
भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं। दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
जनसुनवाई को लेकर क्या है विवाद
ग्रामीणों का आरोप है कि जिंदल कोयला खदान परियोजना की जनसुनवाई नियमों को दरकिनार कर कराई गई, जिसमें स्थानीय लोगों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। इसी के विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलनरत हैं और जनसुनवाई को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन सख्त, कार्रवाई के संकेत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा, हमला और आगजनी के मामले में दोषियों की पहचान की जा रही है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
