रायपुर, 27 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की बदहाल व्यवस्था और मनरेगा में कथित कटौती के खिलाफ कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित मनरेगा बचाओ समन्वय समिति की बैठक में प्रदेश कांग्रेस ने 30 जनवरी को पूरे प्रदेश में चक्का जाम और 31 जनवरी से 7 फरवरी तक सभी जिला कलेक्ट्रेटों में उग्र प्रदर्शन का फैसला लिया है।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।
दीपक बैज ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी है, लेकिन 10 दिन पहले ही टोकन बंद कर दिए गए। हजारों किसानों का धान अब तक नहीं खरीदा गया, केंद्रों पर उठाव ठप है और तौलाई नहीं हो रही। किसानों के पास अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं, और सरकार आंख मूंदे बैठी है। यह सीधा किसान विरोधी रवैया है।”
कांग्रेस ने साफ किया कि किसानों की पीड़ा और मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन हर गांव, हर ब्लॉक और हर जिले तक ले जाया जाएगा।
बैठक में ताम्रध्वज साहू, उमेश पटेल, मलकीत सिंह गैदू, जे.पी. श्रीवास्तव, बीरेश ठाकुर, संदीप साहू, अमरजीत चावला, दीपक दुबे, भुनेश्वर बघेल, प्रमोद दुबे, विजय केशरवानी, शैलेश नितिन त्रिवेदी, संजीव शुक्ला सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
