रायपुर — शहर के मेडलाइफ अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि योजना के अंतर्गत मुफ्त इलाज का भरोसा देकर उनसे अलग-अलग मदों में पैसे लिए गए, जबकि नियमों के अनुसार यह उपचार पूरी तरह कैशलेस होना चाहिए था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कई मरीजों से इलाज, जांच और दवाओं के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। कुछ मामलों में मरीजों को बिल भी उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। इससे यह संदेह गहराता है कि योजना की राशि का दुरुपयोग कर निजी अस्पतालों द्वारा अनुचित लाभ कमाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग पहले भी आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वाले कई निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अस्पतालों का पंजीयन रद्द करने और नोटिस जारी करने की कार्रवाई हुई है। ऐसे में मेडलाइफ अस्पताल पर लगे आरोपों को भी गंभीरता से लेते हुए जांच की मांग की जा रही है।
इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पीड़ित मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद वर्ग को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि इस तरह की धोखाधड़ी होती रही तो आम जनता का भरोसा इस योजना से उठ सकता है।
