विपक्ष के निशाने पर बजट, दीपक बैज और भूपेश बघेल ने साधा हमला
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद इस वर्ष बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी, जिसका अर्थ समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी से परिणाम तक बताया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ गठन के समय 5 हजार करोड़ का बजट था, जो अब बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। उन्होंने इसे संतुलित दृष्टि से सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बस्तर-सरगुजा पर विशेष फोकस
सरकार ने बस्तर और सरगुजा अंचल के विकास के लिए कई बड़े प्रावधान किए हैं—
कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज हेतु 50 करोड़ रुपये।
बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75-75 करोड़ रुपये।
इंद्रावती नदी पर मटनार एवं देउरगांव बैराज निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये, जिससे 32 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
बस्तर नेट परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के लिए 10 करोड़ रुपये।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक आयोजन हेतु 5-5 करोड़ रुपये।
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये।
पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये।
अधोसंरचना और उद्योग
23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए 275 करोड़ रुपये।
नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रावधान।
महानदी पर बैराज निर्माण के लिए 650 करोड़ रुपये।
बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट विकास के लिए 80 करोड़ रुपये।
कृषि, महिला और सामाजिक सुरक्षा
किसानों को ब्याजमुक्त ऋण के लिए 300 करोड़ रुपये।
कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये।
महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये।
आयुष्मान योजना हेतु 1,500 करोड़ रुपये।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान।
शिक्षा और कौशल विकास
5 शासकीय महाविद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये।
आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के लिए 50 करोड़ रुपये।
लाइवलीहुड कॉलेज हेतु 75 करोड़ रुपये।
150 उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए 100 करोड़ रुपये।
विपक्ष का जबरदस्त हमला
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बजट को “झूठ का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि युवाओं की नौकरी, शिक्षकों की भर्ती और 500 रुपये में गैस सिलेंडर जैसे वादों का उल्लेख बजट में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट उद्योगपतियों के लिए तैयार किया गया है, आम जनता के लिए नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे “विनाश का बजट” करार देते हुए कहा कि महिलाओं, किसानों और मजदूरों के लिए ठोस प्रावधान नहीं हैं। उन्होंने धान खरीदी, महतारी वंदन योजना और आवास योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए।
कुल मिलाकर ‘संकल्प’ बजट में जहां सरकार ने विकास, अधोसंरचना और निवेश को प्राथमिकता देने का दावा किया है, वहीं विपक्ष ने इसे वादों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर बताकर घेरने की कोशिश की है। अब बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा के बाद ही इसकी दिशा और प्रभाव स्पष्ट हो पाएगा।
