छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के हालिया बयान के बाद सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर हलचल तेज हो गई है। मीडिया से बातचीत के दौरान जब मुख्यमंत्री से कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय “इंतजार कीजिए” कहकर संकेत दे दिए। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा संगठन आगामी चुनावी रणनीति, क्षेत्रीय संतुलन और सरकार के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए बड़ा राजनीतिक निर्णय ले सकता है। पार्टी के भीतर नए चेहरों को मौका देने और कुछ विभागों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। खासकर सरकार के कामकाज और जनसंतुष्टि को लेकर लगातार फीडबैक लिया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केंद्र की राजनीति और भाजपा शासित अन्य राज्यों में चल रही हलचल का असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ सकता है। हाल ही में हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं ने इस संभावना को और मजबूत किया है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री साय के पास सामान्य प्रशासन, ऊर्जा, जनसंपर्क, जल संसाधन सहित कई महत्वपूर्ण विभाग हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री Arun Sao और Vijay Sharma समेत अन्य मंत्रियों को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। ऐसे में यदि फेरबदल होता है तो कई विभागों के पुनर्वितरण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री साय लगातार प्रशासनिक सख्ती दिखा रहे हैं। अधिकारियों पर कार्रवाई, योजनाओं की समीक्षा और जिलों के दौरों को सरकार की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार संगठन और प्रशासन दोनों स्तर पर बड़ा संदेश देने की तैयारी में है।
हालांकि अब तक भाजपा संगठन या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किसी आधिकारिक फेरबदल की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री के संकेतों ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर भाजपा हाईकमान और मुख्यमंत्री साय के अगले कदम पर टिकी हुई है।
