रायपुर।
महादेव सट्टा एप मामले में विकास गर्ग पर हुई कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि विकास गर्ग भाजपा का पदाधिकारी है। उन्होंने कहा कि महादेव सट्टा एप के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी और उस दौरान कई गैजेट्स व बैंक खाते सीज किए गए थे। बघेल ने दावा किया कि विकास गर्ग की 904 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश-विदेश में अब भी सट्टा कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और इसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है। बघेल ने सरकार से यह भी पूछा कि आखिर “प्रोटेक्शन मनी” कौन ले रहा है।
इन आरोपों पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य सरकार महादेव सट्टा एप मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का कोई भी व्यक्ति इस मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। विजय शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महादेव सट्टा एप को संरक्षण कांग्रेस सरकार के दौरान मिला था, जबकि वर्तमान सरकार दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है।
महादेव सट्टा एप को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर संरक्षण देने के आरोपों को खारिज कर रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस शासनकाल को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। ऐसे में इस मामले ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।
