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सामूहिक विवाह योजना में नकली मंगलसूत्र का मुद्दा गूंजा, विधानसभा में सरकार से तीखे सवाल


बालोद में 2 साल में 400 जोड़ों का विवाह, 1.99 करोड़ खर्च; उपहार सामग्री की न लैब टेस्टिंग हुई, न वित्तीय ऑडिट


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाहों में अनियमितताओं और उपहार सामग्री की गुणवत्ता का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। कांग्रेस विधायक अनीला भेंडिया ने नकली मंगलसूत्र वितरण का मामला उठाते हुए सरकार से पूछा कि संबंधित एजेंसी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।


महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब में बताया कि बालोद जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान 7 सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए, जिनमें करीब 400 जोड़ों का विवाह कराया गया। इन आयोजनों पर कुल 1 करोड़ 99 लाख 95 हजार 294 रुपये खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रति जोड़ा श्रृंगार सामग्री के लिए अधिकतम 7 हजार रुपये की सीमा तय है, जबकि मंगलसूत्र और बिछिया के लिए अलग से कोई राशि निर्धारित नहीं है।


मंत्री ने सदन को बताया कि उपहार सामग्री की न तो लैब टेस्टिंग कराई गई और न ही किसी प्रकार का वित्तीय ऑडिट हुआ। साथ ही किसी सप्लायर से राशि की रिकवरी नहीं की गई और किसी फर्म को ब्लैकलिस्ट भी नहीं किया गया।


नकली मंगलसूत्र के आरोप पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मामला बालोद जिले से संबंधित नहीं है और बालोद से ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि विपक्ष ने योजना की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सरकार को घेरते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।

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