नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों को सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर अधिक सक्रिय रहने और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करने की सलाह दी है। शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों से पूछा कि वे इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर कितने सक्रिय हैं और कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा इसी माध्यम पर मौजूद हैं, इसलिए सरकार की योजनाओं और कामकाज को प्रभावी ढंग से उन तक पहुंचाना जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे केवल सरकारी प्रेस विज्ञप्तियां साझा करने तक सीमित न रहें, बल्कि इंस्टाग्राम रील्स, छोटे वीडियो और इंटरैक्टिव पोस्ट के जरिए लोगों, विशेषकर युवाओं से संवाद बढ़ाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि मंत्री अपने मंत्रालयों के काम, योजनाओं और उपलब्धियों को सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करें ताकि डिजिटल माध्यम पर सरकार की पहुंच मजबूत हो सके।
यह सलाह ऐसे समय आई है जब देश में पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलन तेज है और सोशल मीडिया इन आंदोलनों का प्रमुख मंच बना हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार डिजिटल कम्युनिकेशन को और प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।
कैबिनेट बैठक में सरकार ने परीक्षा पेपर लीक के मामलों पर सख्त कानून लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दिशा में भी चर्चा की। प्रधानमंत्री पहले ही छात्रों को संबोधित करते हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़े कानूनी प्रावधानों का भरोसा दे चुके हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल सोशल मीडिया की मौजूदगी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल युग में सरकार और जनता, खासकर युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। इससे सरकार अपनी योजनाओं और फैसलों को पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए भी व्यापक स्तर पर पहुंचाना चाहती है।
