रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित TIN (Tribal Incentives on Natural Resources) पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इसे खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहुड’ पहल बताया।
पोर्टल के जरिए बस्तर संभाग में जनजातीय समुदायों द्वारा संग्रहित टिन अयस्क की खरीदी से लेकर परिवहन, बिक्री, मूल्य निर्धारण और भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होगी। LME आधारित मूल्य निर्धारण से बाजार के अनुरूप कीमत तय होगी, जबकि DBT के माध्यम से भुगतान सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका और भुगतान में देरी कम होने की उम्मीद है।
TIN पोर्टल में डिजिटल पंजीयन, QR कोड आधारित सत्यापन, स्मार्ट कार्ड, ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन, स्वचालित भुगतान गणना, SMS अलर्ट और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। CMDC मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय और क्रय केंद्रों तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सकेगी।
वर्तमान में छह केंद्रों पर खरीदी
CMDC वर्तमान में बस्तर संभाग के छह केंद्रों—दंतेवाड़ा के बचेली, कटेकल्याण और चिकपाल तथा सुकमा के तोंगपाल, नामा और चिंतलनार—से टिन अयस्क की खरीदी कर रहा है। बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में तीन नए संग्रहण एवं क्रय केंद्र प्रस्तावित हैं।
टिन खरीदी की प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाने के लिए नई SOP भी लागू की गई है। सैंपल की संख्या 12 से घटाकर छह की गई है और प्रत्येक सैंपल 50 ग्राम का होगा। परीक्षण परिणाम पर असहमति की स्थिति में री-एनालिसिस का प्रावधान किया गया है। मासिक विश्लेषण शुल्क 14,400 रुपये से घटाकर 7,200 रुपये किया गया है।
दो साल में करीब 4.72 करोड़ का भुगतान
CMDC के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707.2 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए करीब 90.82 लाख रुपये तथा 2025-26 में 20,895.335 किलोग्राम के लिए करीब 3.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। कार्यक्रम के दौरान CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू भी हुआ, जिससे वित्तीय सहयोग, पारदर्शी भुगतान और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
