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2015 के भैंसगांव-नागरमारी मुठभेड़ मामले में बड़ा फैसला, 5 माओवादी दोषी

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कांकेर। वर्ष 2015 में हुए भैंसगांव-नागरमारी पहाड़ी मुठभेड़ मामले में अदालत ने पांच माओवादी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। दोषियों में लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय और इनामी नक्सली दंपती प्रभाकर राव और राजे कांगे भी शामिल हैं।


पुलिस के अनुसार, प्रभाकर राव पर 25 लाख रुपये और उसकी पत्नी राजे कांगे पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दोनों करीब 40 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय थे। प्रभाकर राव उत्तर सब-जोनल ब्यूरो और राजे कांगे रावघाट एरिया कमेटी में सक्रिय रही।


दोनों के खिलाफ हत्या, लूट और अपहरण समेत कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें पुलिसकर्मियों और गोपनीय सैनिकों की हत्या जैसी वारदातें भी शामिल हैं।


इस मामले में कांकेर पुलिस की ओर से अदालत में पेश किए गए डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हुए। अदालत ने इन साक्ष्यों को स्वीकार करते हुए दोषसिद्धि का आधार बनाया।

मामले में पांचों आरोपियों को दोषी ठहराए जाने को नक्सल मामलों में पुलिस की जांच और साक्ष्य संकलन की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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