ताड़ोकी–रावघाट और अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज लाइन का होगा उद्घाटन, रायपुर से नई यात्री ट्रेनें शुरू होंगी; इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा की रखी जाएगी नींव
रायपुर, 19 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में 20 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार रेल सेवा रावघाट तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में ताड़ोकी–रावघाट और अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही रावघाट–रायपुर और रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं का शुभारंभ होगा। वहीं, रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी किया जाएगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचना केवल रेल नेटवर्क का विस्तार नहीं, बल्कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और आवागमन की सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
95 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना हुई पूरी
दल्लीराजहरा से रावघाट के बीच करीब 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ ही रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है।
इस रेल संपर्क से बस्तर अंचल के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। क्षेत्र में व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा रावघाट क्षेत्र के लौह अयस्क के परिवहन और भिलाई इस्पात संयंत्र सहित इस्पात उद्योग की जरूरतों के लिहाज से भी यह रेल लाइन महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से यात्रियों को राहत
अभनपुर–धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य पूरा हो चुका है। इसके उद्घाटन से क्षेत्र में रेल संपर्क का विस्तार होगा और यात्रियों को रायपुर तक पहुंचने के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के शेष कुरूद–धमतरी सेक्शन में काम अभी जारी है। ऐसे में कुरूद तक ब्रॉडगेज लाइन का विस्तार इस परियोजना का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
दो नई यात्री रेल सेवाओं का होगा शुभारंभ
रावघाट–रायपुर और रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं के शुरू होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को लाभ मिलने की संभावना है। रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से राजधानी तक आवागमन आसान होगा। साथ ही चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, व्यापार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
रायपुर में 300 इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की सुविधा
रेल परियोजनाओं के साथ रायपुर को आधुनिक रेल अधोसंरचना की एक और सौगात मिलने जा रही है। यहां इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास किया जाएगा। प्रस्तावित सुविधा में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित करने की योजना है।
इस सुविधा से रेल इंजनों के रखरखाव और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही बढ़ती माल ढुलाई की जरूरतों को पूरा करने में भी यह उपयोगी साबित हो सकती है।
बस्तर के विकास को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक आधुनिक रेल सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार, नई रेल लाइनें और यात्री सेवाएं बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार में सहायक होंगी।
रावघाट तक रेल पहुंचने से क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से बेहतर परिवहन सुविधा की अपेक्षा पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठेगा। अब इस रेल संपर्क से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और उद्योगों को कितना लाभ मिलता है, यह आगे रेल सेवाओं के संचालन और क्षेत्र में बढ़ने वाली गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
