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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर आगमन ऐतिहासिक और गौरव का क्षण : सांसद महेश कश्यप

23 अक्टूबर को मां दंतेश्वरी मंदिर में करेंगी पूजा-अर्चना, ऐतिहासिक मुरिया दरबार में होंगी शामिल; लालबाग मैदान में आमसभा को करेंगी संबोधित

जगदलपुर। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व इस वर्ष एक और ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 अक्टूबर को जगदलपुर पहुंचेंगी। राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। बस्तर लोकसभा सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने इसे पूरे बस्तर अंचल के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर बताया है।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि राष्ट्रपति का आगमन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और जनजातीय आस्था के लिए देशभर में अलग स्थान रखता है। ऐसे में देश की प्रथम नागरिक की उपस्थिति इस आयोजन के महत्व को और बढ़ाएगी।

मां दंतेश्वरी के दरबार में करेंगी पूजा-अर्चना

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 23 अक्टूबर की सुबह जगदलपुर पहुंचने के बाद प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। इसके बाद वे बस्तर दशहरा के अंतर्गत आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मुरिया दरबार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

मुरिया दरबार में राष्ट्रपति मांझी-चालकी समुदाय के प्रतिनिधियों और विभिन्न समाज प्रमुखों से मुलाकात करेंगी। इसके पश्चात जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम और विशाल आमसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है।

जनजातीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है मुरिया दरबार

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि मां मावली दंतेश्वरी को समर्पित बस्तर दशहरा महज धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय आस्था, सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। रियासतकाल से चली आ रही मुरिया दरबार की परंपरा में मांझी, मुखिया और जनजातीय समाज के प्रतिनिधि अपनी समस्याएं, आवश्यकताएं और सुझाव रखते आए हैं।

उन्होंने कहा कि राजशाही समाप्त होने के बाद भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह परंपरा पूरी निष्ठा के साथ जारी है। यह बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और समाज की सहभागिता को दर्शाती है।

अमित शाह के बाद अब राष्ट्रपति की उपस्थिति

सांसद कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक आयोजन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति रही थी। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आगमन बस्तर की लोकसंस्कृति और परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।

राष्ट्रपति के प्रवास को लेकर जिला प्रशासन और बस्तर दशहरा समिति द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। यह दौरा बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान को देश के सामने प्रस्तुत करने का विशेष अवसर माना जा रहा है।

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