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PM मोदी ने अरुणाचल प्रदेश को दी विकास योजनाओं की सौगात

अरुणाचल प्रदेश / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश में थे, बात थी पूर्वोत्तर के चहुमुखी विकास की। कई बुनियादी सवालों पर प्रधानमंत्री ने न सिर्फ अपनी और सरकार की कोशिशों को सामने रखा बल्कि पूर्वोत्तर के विकास को लेकर जारी अवधारणा यानि सोच पर गुणात्मक सुधारों की तस्वीर सामने रखी। ये तस्वीर बता गई कि बात संसाधनों की नहीं है, बल्कि बात विकास को ज़मीन पर उतारने की इच्छाशक्ति की है।

अरुणाचल प्रदेश की प्रधानमंत्री की दूसरी यात्रा के दौरान उनका पूरा ज़ोर राज्य के विकास पर रहा। प्रधानमंत्री ने राज्य के नए सचिवालय एक सभागार का लोकार्पण करने के साथ ही एक मेडिकल कॉलेज अकादमिक ब्लॉक का शिलान्यास भी ईंटानगर से किया। उन्होंने देश के दूर-दराज़ के इलाक़ों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं पर ज़ोर दिया। स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिसमें आयुष्मान भारत योजना सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि अब देश में ज़रूरत इस बात की है कि हर तीन संसदीय क्षेत्रों के बीच एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो ताकि क्षेत्रीय स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा किया जा सके।

अरुणाचल प्रदेश में नए उदय की बात कहते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में चौतरफ़ा विकास हो रहा है। साथ ही ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश ही ऐसा प्रदेश है जहां जय हिन्द सामान्य व्यवहार में है और लोग एक दूसरे से मिलते वक़्त भी जय हिन्द का ही घोष करते हैं।

साथ ही प्रधानमंत्री ने अरुणाचल के लिए चलने वाली अरुणाचल एक्सप्रेस को सप्ताह में दो दिन चलाने की भी घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के जरिए ग्रामीण विकास और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार की कार्य संस्कृति पिछली सरकारों से एकदम अलग है और मौजूदा सरकार देश की पाई-पाई का उपयोग जनहित में करना चाहती है।

पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने शासन व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश के किसी भी दूर-दराज़ के इलाक़ों से दूर नहीं है।
लोगों ने भी प्रधानमंत्री की यात्रा को सराहा।

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