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बाल सुधार गृह से 7 नाबालिग फरार – 4 पकड़े गए, 3 अब भी लापता


दुर्ग। जिले के पुलगांव स्थित बाल संप्रेषण गृह में रविवार देर रात बड़ी लापरवाही सामने आई। हत्या एवं लूट जैसे गंभीर अपराधों में निरुद्ध कुल 7 नाबालिग खिड़की की ग्रिल काटकर फरार हो गए।

घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नाबालिगों को कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया, लेकिन तीन अब भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।


सूत्रों के अनुसार नाबालिगों ने कई दिनों से योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया। फरार होने से पहले उन्होंने कर्मचारियों की आवाजाही पर नजर रखी और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों का फायदा उठाया। घटना होते ही बाल सुधार गृह प्रबंधन पूरी तरह सकते में आ गया, परंतु अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।


सबसे गंभीर बात यह है कि यह घटना एक महीने के अंदर दूसरी बार हुई है, जो बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। संस्था का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन है, फिर भी प्रबंधन की ओर से सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।


घटना के बाद जब मीडिया ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की तो ज्यादातर अधिकारियों ने फोन स्विच ऑफ कर लिया, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि विभाग इस संवेदनशील मामले को लेकर गंभीर नहीं है।


पुलिस की कई टीमें फरार नाबालिगों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। आसपास के इलाकों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाईवे पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि तीनों फरार नाबालिगों के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल सूचित करें।


जिले में दो बार बाल संप्रेषण गृह से फरारी की घटनाओं ने व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा मानकों में भारी चूक के बावजूद संबंधित अधिकारियों पर अब तक किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने पहली घटना के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की होती तो शायद यह दोबारा नहीं होता।

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