कोंडागांव / लंबे समय से स्वास्थ विभाग के संरक्षण में बिना अनुमति के प्राईवेट नर्स प्रशिक्षण केन्द्र चल रहा है, लाखों रू की फीस लेकर सैकड़ो छात्रो के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और इस बात की पूरी जानकारी होने के बावजूद जिला स्वास्थ अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे है ।
पिछले छः महीनों से जिला स्वास्थ विभाग के नाक के नीचे सैकडो छात्राओं को नर्स ट्रेनिंग के नाम उनसे लाखो रू की फीस लेकर उनको गुमराह कर उनके भविष्य के साथ खेला जा रहा है । जिले की सैकडो आदिवासी छात्राओं को नगर पालिका की एक पुरानी जर्जर भवन को किराये से लेकर नर्स प्रषिक्षण केन्द्र के नाम से लाखों रू की वसूली की जा रही है, विडम्बना की बात है कि स्वास्थ विभाग से महज 500 मीटर की दूरी में ही ये सब कुछ धडल्ले से चल रहा है । केन्द्र सरकार के जो मापदण्ड होते है उसकी खुले अाम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
नाटक मण्डली – आप इस सेन्टर में प्रवेष करेगें तो आपको लगेगा कि कोई नाटक मण्डली का सेट तैयार किया जा रहा है। मगर यह वही सेन्टर है जहां पर नर्सिंग की छात्राओं को प्रशिक्षण किया जा रहा है। इस नाटक मण्डली के सेट पर ही अस्पतालों में स्वास्थ देने के लिए नर्सों को तैयार किया जा रहा है।
न पानी बिजली न शौचालय – जहां इन आदिवासी छात्राओे से मोटी रकम लेकर प्रषिक्षण दिया जा रहा है उस भवन में न ही बिजली है न पानी और न ही शौचालय की व्यवस्था। प्रेक्टिकल के लिये कोई संसाधन भी नही है यहां तक कि उक्त भवन में जिन कमरो में इन छात्राओं को प्रषिक्षण के लिए बैठाया जाता है, वहाँ खिड़कियों में दरवाजे तक नही है । प्रेक्टीकल रूम के बाहर बकायदा लिखा हुआ है यहां प्रैक्टीकल किया जाता है, मगर अन्दर खाली दो बेच और एक आलमारी रखी है और उसमे में भेाजन पकाने के समान है ।
हस्तझेप के बाद – जब स्वास्थ विभाग के अधिकारी को इस बात की जानकारी पूंछी गई कि क्या आपके कार्यालय से इस केन्द्र को अनुमति दी गई है तो उन्होने इस तरह के केाई भी सेन्टर जिले मे चल रहा है इसकी जानकारी नहीं होना बताया ।
आसान नही सेन्टर खोलना – आनन फानन में स्वास्थ विभाग की टीम इस केन्द्र को देखने पहुची और देखती रह गई। क्योंकि स्वास्थ विभाग के अधिकारियो का कहना था कि नर्स प्रषिक्षण केन्द्र के लिए केन्द्र सरकार ने बडे कठिन मापदण्ड बनाये है, कोई इतनी आसानी से प्रषिक्षण केन्द्र नही खोल सकता और यहां तो स्वास्थ विभाग को भी जानकारी नही दी गई, न ही किसी तरह की अनुमति ली गई है और इस हालात मेें केन्द्र की दशा देखकर तो हम इन्हे अनुमति दे ही नहीं सकते है। जांच पर पहुचे सीएमएचओ और उनकी टीम के द्धारा पूरा सेन्टर का निरीक्षण किया गया और उन्हे कागज दिखाने को कहा गया। मगर संस्था के पास किसी भी तरह के कागजात नही मिले। इसके बाद भी स्वास्थ विभाग ने उन्हे अनुमति के कागजात प्रस्तुत करने के लिए एक स्प्ताह का समय दे दिया ।
फरारी की तैयारी – छात्राओं के दिए जाने वाले सेन्टर मे इस शौचालय तक नही है न ही पानी की व्यवस्था देखकर ही लगता है बस कुछ दिन तक बच्चो से फीस लेकर प्रशिक्षण का ढोगं कर फरार होने की पूरी तैयारी लगती है । कोई सवाल करे तो कोई भी जवाब देने को तैयार नही है। न इनके पास किसी तरह का अनुमति के कागज है। उसके बाद भी महीनो से इस तरह के सेन्टर का जिले में संचालित होना कही न कही स्वास्थ विभाग की लापरवाही को दर्षाता है ।
डाॅ संजय बसाक सीएमएचओ कोंडागांव – हमे नहीं पता था कि किसी तरह का प्राईवेट नर्स प्रषिक्षण केन्द्र चल रहा है। अापके द्वारा जानकारी दिये जाने पर पूरी टीम मौके पर पहुची है देखने पर पूरी तरह से फर्जी लगा। हमने उन्हे एक सप्ताह में कागजात पेश करने का नोटिस जारी किया है ।
