कोरिया / बैकुंठपुर शहर के रिहायसी क्षेत्र में स्थित सरकारी पोन्टी फॉर्म एवं हेचरी से मानव जीवन को खतरा एवं पर्यावरण नुकसान के कारण हेचरी को सील बंद कर इसे यहाँ से विस्थापित करने हेतु ठोस कदम उठाने जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के समाज सेवी संस्थानों एवं धार्मिक संस्थानों के द्वारा हेचरी को शहर से विस्थापित करने आज कलेक्टर कोरिया डोमन सिंह को ज्ञापन सौंपा।
आपको बता दे इस दौरान समाज सेवी संस्थानों एवं धार्मिक संस्थानों में देवरहा सेवा समिति के शैलेश शिवहरे, समानता क्रांति से अमिताभ गुप्ता, गौ रक्षा वाहिनी से अनुराग दुबे, नागरिक एकता मंच से संजय जायसवाल सहित भानु पाल, सुभाष साहू, शिव सागर तिवारी, अनिल सिंह, आयुष नामदेव मौजूद रहे।
ज्ञापन में समाज सेवी संस्थानों एवं धार्मिक संस्थानों के लोगों ने इस बात का उल्लेख किया है की शहर के हृदय स्थल एवं रिहायशी क्षेत्र में स्थित सरकारी पोल्टी फॉर्म एवं हेचरी में बर्ड फ्ल की बीमारी से हजारो मुर्गियों की मृत्यू हो गयी है और बाद में इसकी पुष्टि होने पर सरकारी तंत्र के भी दवारा हजारो मुर्गियों को मारकर इस महामारी से आमजन को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में पूरे शहर में नागरिको के बिच जीवन रक्षा हेतु भय व्याप्त है।
आर्थिक गतिविधिया मानव जीवन के स्वास्थ एवं जीवन से समझौता करके नहीं की जा सकती है ये सरकार मानव अधिकार का उल्लंघन है। चूंकि सरकारी तंत्र नागरिक हितो के लिए ही किसी उद्योग एवं व्यवसाय को स्थापित करती है। लेकिन इस हैचरी से सरकार को आर्थिक लाभ हो रह रहे आम नागरिको के जीवन को खतरे में डालकर ही हो रहा है। चूकि यह हेचरी बैकुंठपुर शहर की जीवन दायनी गेज नदी के तट के नजदीक में स्थित है, जिस वजह से हेचरी के बिट की सफाई से निकलने वाला जहरीला पानी भी सीधे नदी में मिल रहा है जिसके कारण जीवनदायनी नदी का पानी भी विषाक्त हो रहा है।
गर्मी के दिनों में हेचरी से जानवरो की बिट की दुर्गन्ध आस पास रहने वाले आमजन के दैनिक जीवन में स्वस्थ सांस लेने से भी उन्हें वधित कर देता है। पर्यावरण प्रदूषण से वहाँ स्थित नदी पार्क रिहायशी कॉलोनियों एवं मंदिरों में आने जाने वाले नागरिको को दुर्गन्धपूर्ण विषाक्त वायु को ग्रहण करना पड़ रहा है। जो की मानव स्वास्थ में गंभीर बिमारियों का कारण बन सकता है।
इन समस्त कारणों से सरकारी हेचरी पूर्णतः अनुपयुक्त जगह पर स्थापित है एवं इस लिए भविष्य में दुर्घटना एव मानव जीवन की क्षति की परिकल्पना करते हुए निवेदन है की इस हेचरी कोत्वरित कार्यवाही करते हुए विस्थापित किया जाये।

