Advertisement Carousel

वेदांती को मिली कार्यकर्ताओं की फौज, जनता का भी मिल रहा अभूतपूर्व समर्थन, अंततः बन ही गई लहर

कोरिया / अबकी बारी वेदांती तिवारी, हमर गांव घर कर आदमी है ए दारी एहि ला जिताना है,दो बार हार चुके हैं इस बार मौका मिलना चाहिए, कांग्रेस ने वेदांती भैया को जिला पंचायत का टिकट न देकर बहुत धोखा किया है,माहौल एकतरफा है उनका जीतना तय है।

कुछ इन्ही बातों से ऐसा ही माहौल और यह तमाम बातें इन दिनों जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में क्षेत्र क्रमांक 7 में सुनने और देखने को मिल रही है,जहां से कांग्रेस के बड़े नेता वेदांती तिवारी जिला पंचायत सदस्य के लिए मैदान में हैं। काफी हाई प्रोफाइल हो चुकी इस सीट पर जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है,कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल जायसवाल, भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी अनिल साहू समेत कांग्रेस की टिकट पर दो बार विधानसभा का चुनाव का लड़ चुके पीसीसी सदस्य वेदांती तिवारी और चंद्रप्रकाश राजवाड़े इस क्षेत्र में अपनी किश्मत आजम रहे हैं इसके अलावा शिव यादव और विन्ध्येश पांडेय भी चुनावी मैदान में हैं लेकिन जैसा कि हमने पहले ही बता दिया है मुख्य मुकाबला आज भी भाजपा समर्थित अनिल साहू और वेदांती तिवारी के बीच देखा जा रहा है हालांकि कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अनिल जायसवाल खुद को पीछे तो नही मानते लेकिन उनके साथ चलने वाले चंद कांग्रेसी भी दबी जुबान से कहते हैं कि इस बार वेदांती भैया का फाइनल है मतलब वेदांती तिवारी जीत की ओर अग्रसर हैं।

क्षेत्र मे हमारी टीम ने एक बार फिर दौरा किया और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया जिसके बाद पहले की स्थिति में अब तश्वीर और साफ नजर आ रही है जिसमे कहा जा सकता है कि दो बार विधानसभा का चुनाव हार चुके वेदांती तिवारी इस बार निश्चित ही जिला पंचायत का सफर तय कर लेंगे। और यह उनकी बहुत बड़ी जीत होगी,आज यह कहना कि श्री तिवारी अपना राजनैतिक वजूद तलाश कर रहे हैं तो जिले में कांग्रेस की वर्तमान दशा में यह कहना एकदम अनुचित होगा क्योंकि एक बड़े जनाधार वाले स्थानीय नेता जिसे दो बार विधानसभा का टिकट दिया गया था जिसने विपक्ष के दौरान मजबूती के साथ खड़े होकर पार्टी का काम किया हो उसे सिर्फ राजनैतिक षड्यंत्र के तहत जिला पंचायत का टिकट न दिया गया हो यह बात क्षेत्र की जनता भलीभांति समझ चुकी है जो सभी के जुबान में है।

आज क्षेत्र की जनता का अभूतपूर्व समर्थन श्री तिवारी के पक्ष में देखने को मिल रहा है,उनको कांग्रेस का समर्थन न मिलने के कारण स्थानीय विधायक और कुछेक बड़े नेताओं के प्रति जबरदस्त आक्रोश देखने को मिलता है। पार्टी के इस निर्णय से रुष्ट और भविष्य की परवाह के बगैर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की जबरजस्त फ़ौज उनके साथ खड़ी हुई है। प्रत्याशी वेदांती तिवारी प्रतिदिन हर गांव घर का दौरा कर रहे हैं सुबह से देर रात तक जनसभा छोटी बैठकों के माध्यम से जनता से मिल कर समर्थन मांग रहे हैं, तो जनता भी खुले मन से उन्हें समर्थन दे रही है हर जुबान पर सिर्फ एक नाम ही देखने को मिल रहा है,सिर्फ एक नारा अबकी बारी वेदांती तिवारी इस बार सच होता दिख रहा है ।

श्री तिवारी क्षेत्र में पड़ने वाले साप्ताहिक बाजारों में भी जा रहे हैं वे जनसभा के माध्यम से जनता से एक बार सेवा का मौका माँगते हुए क्षेत्र के विकास का वादा कर रहे हैं। उनके सुख दुःख में शामिल होने का विश्वास दिला रहे हैं।
वहीं इस सीट के लिए राजनैतिक जानकारों का मानना है कि श्री तिवारी को कुछ पंचायतों में 90% से अधिक मत मिलेगा उन्हें सभी बूथों में मत प्राप्त होगा ,हर वर्ग के मतदाता तक उनकी सीधी पकड़ है,जो उनके जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा। जानकारों का मानना है कि दो बार विधानसभा का चुनाव हारने और इस बार जिला पंचायत हेतु कांग्रेस द्वारा अपना प्रत्याशी न बनाये जाने के कारण श्री तिवारी के पक्ष में सहानुभूति की लहर पैदा हुई है जिससे कि उनके पक्ष में जनता स्वस्फूर्त खड़ी हुई दिख रही है।

बहरहाल चुनावी वैतरणी में जीत की ओर अग्रसर वेदांती तिवारी इस कामयाबी के बाद क्या रुख अपनाते हैं, क्या वे भविष्य में एक नयी राजनैतिक पारी की शुरुआत करेंगे या फिर जिस पार्टी ने दो बार विधानसभा का टिकट देकर इस बार जिला पंचायत सदस्य जैसे पद के लिए भी अपना समर्थन नही दिया और जिस पार्टी के नेता उनके राजनैतिक कैरियर को ब्रेक करने का षड्यंत्र करते हों वे फिर सब कुछ भूलकर उनके साथ खड़े होते हैं। यह सब देखने वाली बात होगी।

error: Content is protected !!