कोरिया / वैश्विक महामारी के दौर में कोरोना के खिलाफ केवल कोरोना योद्वा ही मैदान में नहीं हैं बल्कि एक एैसी फौज भी है जो परदे के पीछे रहकर इन योद्धाओं के कंधे से कंधा मिलाकर अपना काम तेजी से कर रही है। कोरिया जिले के महिलाओं की यह टीम अब तक साढ़े तीन लाख मास्क बनाकर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यप्रदेश में भी आम नागरिकों की सुरक्षा का प्रमुख साधन सप्लाई कर चुकी हैं। इससे जिले में सभी व्यक्तियों तक सुरक्षा का प्राथमिक उपकरण उपलब्ध हुआ है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों मेंं निवासरत महिलाओं ने 50 लाख रूपए से ज्यादा का व्यवसाय भी अर्जित किया है।
इस कार्य विशेष के बारे में जानकारी देते हुए जिला पंचायत की मुख्यकार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति ने बताया कि जिले की महिलाओं ने कोरोना के समस्त योद्धाओं को यह मास्क निशुल्क वितरित किया है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर सेना व पुलिस तथा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मंे सफाई से जुड़े 2 हजार 124 योद्धाओं को यह मास्क निशुल्क वितरण किया गया है। मास्क की मांग को देखते हुए सभी स्तरों पर आपूर्ति के लिए जिले में महिलाओं के स्वसहायता समूहों के माध्यम से मास्क बनाने का काम एक मिशन की तरह चलाया जा रहा है। इस अभियान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की टीम लगातार काम कर रही है।
जिला पंचायत सीइओ तूलिका ने बताया कि जिले में महिलाओं के स्व सहायता समूहों द्वारा अब तक 3 लाख 50 हजार से ज्यादा मास्क का निर्माण किया गया है। इस कार्य में जिले के अलग अलग क्षेत्रों मंे 80 स्व सहायता समूहों की 250 से ज्यादा महिलाएं निरंतर कार्य कर रही हैं। जिले की इन महिलाओं के समूहों द्वारा औसतन लगभग 10 हजार मास्क प्रतिदिन बनाए जा रहे हैं। सीइओ जिला पंचायत तूलिका ने बताया कि अब तक 3 लाख 50 हजार 621 मास्क बनाए जा चुके हैं जिनमें से 3 लाख 33 हजार मास्क बेचे गए हैं। इस व्यवसाय से महिलाओं के समूह को 50 लाख 62 हजार 995 रूपए भी प्राप्त हो चुके हैं। समूह की महिलाओं द्वारा कोरिया जिले के सभी शासकीय विभागों, बाजारों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के जयसिंहनगर, शहडोल, कुसमी और सीधी जिले में एक लाख मास्क सप्लाई किए जा चुके हैं। अभी दूसरे राज्य और जिलों में मास्क की आपूर्ति का कार्य और भी प्रगतिरत है।
जिले में स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा आपूर्ति किए गए विभागों में प्रमुख रूप से महात्मा गांधी नरेगा के श्रमिक हैं जिन्हे जनपद पंचायतों के माध्यम से 60 हजार से ज्यादा मास्क उपलब्ध कराया गया है। साथ ही वन विभाग के दोनेा वनमंडलों को मिलाकर अब तक एक लाख 20 हजार मास्क की आपूर्ति की गई है। इसके अतिरिक्त विद्युत मंडल, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग को भी दो दो हजार मास्क की आपूर्ति की गई है। सीइओ जिला पंचायत ने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न सम्मानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा समूहों से लगभग 30 हजार मास्क खरीदे गए हैं। इसके अतिरिक्त महिला एंव बाल विकास विभाग, सभी बैंक, व्यवसायी, दवा दुकानांे, समाजसेवी संस्थााओं ने भी बड़ी मात्रा में मास्क की खरीदी की है। मास्क निर्माण के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीइओ तूलिका ने बताया कि जैसे ही लाकडाउन जारी हुआ मास्क की आवश्यकता तेजी से बढ़ने लगी। एैसे में बाजार मे इसकी आपूर्ति बंद होने से विकट स्थिति सामने आने लगी। इस कठिन समय में जिले के 14 स्वसहायता समूहों की 60 महिलाओं के इस कार्य में लगाया गया। बैकुण्ठपुर के दो, सोनहत के एक, मनेन्द्रगढ़ की पांच, खड़गंवा के तीन और जनकपुर की तीन स्वसहायता समूह की महिलाओं ने पहले ही दिन लगभग तीन हजार मास्क बनाए जो हाथों हाथ बिक गए। इसके बाद इस कार्य को मिशन मोड में लेकर कराया गया और इसका सुखद परिणाम यह रहा कि एक ओर जिले मे मास्क की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आई वहीं दूसरी ओर लाकडाउन के कारण अपने कार्यों से अलग हो चुकी महिलाओं ने आर्थिक संबल भी पा लिया। जिले में यह कार्य बैकुण्ठपुर के 9, सोनहत के 6, जनकपुर के 7, मनेन्द्रगढ़ के 14 और खड़गंवा के 14 समूहों द्वारा सतत रूप से किया जा रहा है। मांग के अनुरूप जिले में मास्क की पर्याप्त उपलब्धता बना ली गई है। एनआरएलएम की टीम जिला मिशन प्रबंधक श्री रामेन्द्र गुर्जर के नेतृत्व मंे पांचो जनपद पंचायतों में स्व सहायता समूहों को कच्चे माल की और अन्य संसाधन की आपूर्ति और उन्हे अच्छा बाजार उपलब्ध कराने का काम कर रही है।



