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दंतेवाड़ा के ढोलकल गणेश प्रतिमा के साथ छेड़खानी, धारदार लोहे या पत्थर से खुरेचे अंग्रेजी के शब्द

दंतेवाड़ा / दंतेवाड़ा के ढोलकल गणेश प्रतिमा के साथ फिर से छेड़खानी की गई। असामाजिक तत्वों की करतूतों की वजह से प्रतिमा को आंशिक नुकसान भी पहुंचा है। प्रतिमा पर किसी ने अंग्रेजी के दो लेटर लिख डाले है। लिखने वाले ने इसके लिये किसी धारदार लोहे या पत्थर से बनी चीज का इस्तेमाल किया है। इधर प्रशासन इस मामले में जानकारियां जुटाने में लग गया है।

कलेक्टर विनीत नंदनवार ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सिद़दार्थ तिवारी को आावश्यक दिशा निर्देश भी दिये हैं। बता दें कि साल 2017 में भी असामाजिक तत्वों ने गणेश प्रतिमा को पहाडी से नीचे फेंक दिया था। जिसे ढूंढने और पुनः स्थापित करने में प्रशासन और एएसआई के पसीने छूट गये थे। पहाडी से नीचे फेंकने की वजह से प्रतिमा जगह जगह खंडित हो गयी थी। प्रतिमा को ढूंढने और पुनः स्थापित करने में सात दिन का समय लग गया था।

उस समय प्रशासन और पुलिस रोजाना ढोलकल के चक्कर काट रहे थे। प्रतिमा जिस स्टोन से बनी हुई है उसी स्टोन के मटेरियल से लेटर वाली जगह को भरना होगा। कलेक्टर ने पुलिस को इस संबंध में आवश्यक जानकारियां जुटाने को कहा है। उन्होने बताया कि एएसआई की सहायता से जल्द ही मूर्ति को पहले वाले रूप में लाया जायेगा। वहीं एसपी का कहना है कि अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

बता दें कि धार्मिक महत्व वाली इस प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है। बस्तर में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की अनेकों मूर्तियां हैं, जिनके संरक्षण की आवश्यकता है, पर न तो स्थानीय प्रशासन और न ही पुरात्तव विभाग इनकी ओर कोई ध्यान दे रहा है। यही कारण है कि लोगों की आस्था के केंद्र भगवान गणेशजी की प्रतिमा से छेड़खानी हो रही है। लोगों में इन अव्यवस्थाओं को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

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