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अधर में लटका जल-जीवन मिशन योजना, पाईप लाइन बिछा दी – टोंटी भी लगा दिया, पर पानी का क्या, कब आएगा साहब?

कोरिया / जल जीवन मिशन की परिकल्पना ग्रामीण भारत के सभी घरों में 2024 तक व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।लेकिन केंद्र सरकार की इस महत्त्वकांक्षी योजना अधिकारियों की सुस्त कार्यप्रणाली और ठेकेदारों की मनमानी की वजह से कोरिया जिले में दम तोडती नजर आ रही है।

जिले में चल रहे जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों में गुणवत्ता विहीन की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेकर खामियों को दूर करने और संबंधित निर्माणकर्ता ठेकेदार अथवा उनके कर्मियों पर जिम्मेदारी तय कर दंडित करने की बात तो दूर जिम्मेदार अधिकारी कुर्सी छोड़ने से भी परहेज करते है जिस कारण ठेकेदार मनमानी अनुसार ही कार्य करते रहते हैं।जब कि जिले में हर हफ़्ते जल जीवन मिशन को लेकर समीक्षा बैठक ली जा रही फिर भी अधिकारियों की उदासीनता से अब इस योजना में भी ग्रहण लगने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता।

जानकारी अनुसार सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण कार्य नही हो पा रहा है।जबकि सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही है। सरकार की इस योजना को अधिकारी और ठेकेदार मिलकर पलीता लगाने कोई कसर नही छोड़ रहे है।अधिकारियों को इतनी फुर्सत ही नही की वह हकीकत का जायजा ले सकें।जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी तक कि मीटिंग में व्यस्त अधिकारी जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लेने अंतिम बार कब गए ये उन्हें भी नही पता होगा।

मामला बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चिरगुड़ा के सरनापारा ,ईमली पारा व दर्रीडाँड़ के अलावा खड़गवां विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बंजारीडाँड़ सहित कई ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यों में कई खामिया देखने को मिलती है।वही क्रेडा द्वारा संचालित जल-जीवन मिशन अंतर्गत हुए कार्यों की असलियत देखने लायक है। फूटी पाइपलाइन और गड्ढे में एकत्र पानी बदहाली की दास्तां बयां कर रही तो पाइप लाइन में टोटियां नहीं लगे होने के कारण पानी बेकार ही बहता रहता है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी पानी के लिए केवल चबूतरा बना कर छोड़ दिया है जो कि अब सो पीस बन कर रह गया हैं । वही उच्च स्तरीय पानी टंकी तो बन गया किन्तु बोरबेल नही होने के कारण वह भी शो पीस बन कर रह गया है ।

गौरतलब है कि बैकुंठपुर विकासखंड और खड़गवां विकासखण्ड ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के पाइपलाइन विस्तारीकरण, नल-जल कनेक्शन का काम लगभग शासकीय रिकार्ड में पूरा हो चुका है। ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन देने का काम तो किया गया है लेकिन कनेक्शन देने की महज औपचारिकता निभाया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक अपनी सुविधा अनुसार ही ठेकेदार ने द्वारा कनेक्शन दिया गया है वहीं पाइप लाइन विस्तार में गड़बड़झाला हुआ है।गाँव के प्रत्येक वार्डों में मेन पाइप लाइन बिछाने का काम तो पूरा हो चुका है किन्तु कई जगह से पाइपलाइन को जोड़ा नहीं गया है। न ही हर घर मे कनेक्शन पहुँच सका क्यो की ठेकेदार ही अधिकारियों की मेहरबानी से पानी हर घर तक नही पहुँचा सका न ही अधिकारी कार्य की गुडवत्ता देखने ग्राम तक पहुँच सके जिससे आज भी ग्रामीण पानी के लिए सफर करने को मजबूर हैं। वही कई ग्राम पंचायतो में केवल पाईप व चबूतरा बना कर ही शासकीय राशि आहरण कर लिए गया हैं जब कि टोंटी में पानी का एक बूंद तक नही पहुँच सका है।

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