दुर्ग में मंगलवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। रजिस्ट्री और जमीन शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में बिल्डर और ब्रोकर जमकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष किरण देव साय के काफिले को कारगैड के पास रोक लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
करीब 15 मिनट तक प्रदेश अध्यक्ष का काफिला जाम में फंसा रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी और धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस को हालात नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रदर्शनकारी ओपी चौधरी, भाजपा सरकार और प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारे लगा रहे थे। उनकी मांग थी कि रजिस्ट्री और जमीन शुल्क बढ़ोतरी को वापस लिया जाए और इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन की कॉपी सीधे हाथों में दी जाए।
स्थिति तब और गरमाई जब प्रदर्शनकारियों ने दुर्ग महापौर अलका बाघमार की गाड़ी को रोकने की भी कोशिश की। हालांकि पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच समन्वय से आखिरकार प्रदर्शनकारियों को हटाया गया और काफिला आगे बढ़ सका।
बिल्डरों, भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है।
