रायपुर/दिल्ली, 24 नवंबर। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में जारी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में रविवार को छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं पेवेलियन पहुंचकर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और राज्य के उत्पादों एवं नवाचारों की सराहना की।
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और वनोपज आधारित उत्पादों की मांग देश-विदेश में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता हमारे कारीगरों के सम्मान और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई शक्ति दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में बड़ा कदम है।”
मुख्यमंत्री ने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु शिल्प, ढोकरा कला, वन-आधारित प्राकृतिक उत्पाद, मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों और सूक्ष्म उद्यमों के इनोवेटिव मॉडल की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों ने छत्तीसगढ़ को वैश्विक व्यापार मंचों पर पहचान दिलाई है।
पेवलियन में बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी केंद्र में रही। मुख्यमंत्री ने डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’ देखी और कहा कि यह फिल्म बस्तर में आए परिवर्तन का जीवंत चित्रण करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए योजनाओं और संस्थागत समर्थन को और मजबूत कर रही है।
अवलोकन के दौरान उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, कमलेश जांगड़े, अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
