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छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी रहे नेता, शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचे—नबीन बने तीसरे अहम कड़ी

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी की परंपरा: संगठन से सत्ता के शीर्ष तक पहुँचने का रास्ता

रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी केवल संगठनात्मक दायित्व तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ने की मजबूत सीढ़ी साबित होती रही है। अब इसी परंपरा में बिहार सरकार के मंत्री नबीन का नाम तेजी से उभर कर सामने आ रहा है।


राज्य गठन के बाद सबसे पहले राजनाथ सिंह को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी बनाया गया था। छत्तीसगढ़ में संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी निभाने के बाद वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और वर्तमान में केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री के रूप में सक्रिय हैं।


इसके बाद जेपी नड्डा को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी नियुक्त किया गया। यहां संगठनात्मक अनुभव के बाद उन्हें पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया और बाद में वे पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक दौर में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी रह चुके हैं। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुँचा, जिसने इस पद की राजनीतिक अहमियत को और मजबूत किया।


इसी कड़ी में धर्मेंद्र प्रधान का नाम भी शामिल है, जो छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहने के बाद पिछले दस वर्षों से लगातार केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वहीं, पूर्व प्रभारी ओम माथुर को बाद में सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया।


हालांकि इस परंपरा में एक अपवाद भी रहा। डॉ. अनिल जैन को वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जिसके बाद उन्हें कोई बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं मिली।


इन तमाम उदाहरणों के बीच वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बिहार सरकार के मंत्री नबीन को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी सचिव बनाया गया। संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तय करने और केंद्र व प्रदेश नेतृत्व के बीच समन्वय बनाने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की वापसी और सरकार गठन की प्रक्रिया में नबीन की रणनीतिक भूमिका निर्णायक रही।


अब जब नबीन को संगठन के शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी मिली है, तो राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि वे छत्तीसगढ़ भाजपा के उन नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनके लिए यह पद राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ने का मजबूत मंच साबित हुआ है। आने वाले समय में नबीन को पार्टी और सरकार में और बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।


कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी का पद एक बार फिर यह संकेत दे रहा है कि संगठन में की गई मजबूत पकड़ और सफल चुनावी प्रबंधन नेताओं को सत्ता और संगठन के शीर्ष तक पहुंचाने की क्षमता रखता है।

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