रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विधानसभा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज नई विधानसभा में विशेष सत्र की शुरुआत हुई। इस ऐतिहासिक मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन में उपस्थित सभी विधायकों का स्वागत किया और कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने इन 25 वर्षों में लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य किया है।
हालांकि सत्र के पहले ही दिन राजनीतिक माहौल गर्म रहा। कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया, जिस पर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
बहिष्कार पर भाजपा का तीखा हमला
भाजपा के वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष जनता के मुद्दों से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार कर विधानसभा की गरिमा का अपमान किया है।
धर्मजीत सिंह ने कहा, “जिन्होंने सदन का बहिष्कार किया है, जनता भी उन्हें इसी तरह से बाहर रखेगी।”
वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस के बहिष्कार की तुलना दिल्ली में सेंट्रल विस्टा परियोजना के बहिष्कार से करते हुए कहा कि विपक्ष विकास से जुड़े हर विजन का विरोध करता रहा है।

विजन डॉक्यूमेंट–2047 सदन में पेश
इसके बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट–2047 पेश किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना इस विजन का मूल उद्देश्य है।
ओपी चौधरी ने कहा कि यह विजन एक लाख से अधिक लोगों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था 64 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि विजन–2047 का लक्ष्य
- महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी को कम करना
- शिशु मृत्यु दर में गिरावट लाना
- कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की विकास दर बढ़ाना
- युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना
शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग पर फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था, लेकिन आज शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में कई राष्ट्रीय संस्थान प्रदेश में स्थापित हो चुके हैं।
नई औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र में एक करोड़ रुपये के निवेश पर लगभग 50 रोजगार सृजित होते हैं, जबकि सरकारी क्षेत्र में 30 रोजगार पैदा होते हैं।
अजय चंद्राकर ने उठाए सवाल
विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यह चर्चा किस प्रावधान के तहत हो रही है और यह शासकीय संकल्प है या अशासकीय।
हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री को विजन डॉक्यूमेंट के लिए बधाई भी दी।
चंद्राकर ने कहा कि
- रोजगार की परिभाषा अब तक स्पष्ट नहीं है
- कृषि भूमि और सिंचित क्षेत्र में कमी आई है
- सतही जल, बीज आत्मनिर्भरता, डेयरी विकास और नस्ल सुधार पर स्पष्ट नीति नहीं दिखती
उन्होंने कहा कि वे आलोचना नहीं कर रहे, बल्कि वस्तुस्थिति सामने रख रहे हैं।
सदन में हंगामा, आपत्ति दर्ज
अजय चंद्राकर के वक्तव्य के दौरान मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खड़े होकर आपत्ति जताई और व्यक्तिगत आरोपों वाले अंश को कार्यवाही से विलोपित करने की मांग की, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
अन्य प्रमुख मुद्दे
- विधायक धर्मजीत सिंह ने जेएनयू में नक्सली हिड़मा के समर्थन में लगे नारों का मुद्दा उठाते हुए सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की।
- उन्होंने नक्सल समर्थकों को बस्तर भ्रमण कराने की बात कही ताकि उन्हें नक्सली हिंसा की सच्चाई पता चल सके।
- धर्मजीत सिंह ने विधायक निधि 10 करोड़ रुपये करने की भी मांग की ताकि क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू हुआ यह सत्र जहां एक ओर उपलब्धियों और भविष्य के विजन की चर्चा का मंच बना, वहीं विपक्ष के बहिष्कार और विजन–2047 पर उठे सवालों ने पहले ही दिन सियासी गर्माहट बढ़ा दी। आने वाले दिनों में इस विजन पर सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं।
