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विजय शर्मा ने इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में रखा तकनीक संचालित प्रशासन का विज़न


नई दिल्ली/रायपुर, 17 फरवरी 2026।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राज्य का सशक्त प्रतिनिधित्व करते हुए तकनीक आधारित सुशासन का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया।


लीडर्स प्लेनरी सत्र में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि “तकनीक संचालित प्रशासन ही भविष्य की आवश्यकता है। एआई के माध्यम से पारदर्शिता, त्वरित सेवा वितरण और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है।”


एआई से बदलेगा शासन का स्वरूप
उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सफल मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ चर्चा कर छत्तीसगढ़ में एआई आधारित समाधानों को लागू करने की संभावनाओं पर भी मंथन किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भारत को एआई क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की पहल के लिए बधाई दी।
श्री शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला बड़ा वैश्विक एआई मंच है, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से ज्यादा वैश्विक एआई विशेषज्ञों की भागीदारी आयोजन की महत्ता को दर्शाती है।


700 से अधिक प्रस्ताव, वैश्विक उत्साह
उन्होंने बताया कि नीति-निर्माताओं, तकनीकी कंपनियों, नवप्रवर्तकों और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाकर यह समिट इंडियाएआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल को ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में अहम कदम है। 700 से अधिक प्रस्तावों की प्राप्ति भारत की एआई पहल के प्रति वैश्विक विश्वास को दर्शाती है।


छत्तीसगढ़ का एआई स्टॉल बना आकर्षण
समिट में “छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” थीम पर लगाए गए राज्य के स्टॉल का भी उपमुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन एवं उनकी टीम ने राज्य में एआई आधारित नवाचारों को प्रस्तुत किया। श्री शर्मा ने युवा नवप्रवर्तकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राज्य सरकार डिजिटल नवाचारों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाएगी।


संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि से मुलाकात
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रिजनर से भी मुलाकात की। दोनों के बीच एआई के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग, तकनीक की भूमिका और विकासशील राज्यों में नवाचार आधारित समाधानों को बढ़ावा देने पर सार्थक चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ अब केवल पारंपरिक विकास मॉडल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एआई और डिजिटल तकनीक के सहारे सुशासन की नई मिसाल गढ़ने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

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