झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सब्बीर आलम और उसके नेटवर्क पर सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज
अंबिकापुर। झारखंड के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर सब्बीर आलम सरगुजा में पिछले 13 वर्षों से फर्जी पहचान और साझेदारी के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार संचालित कर रहा था। धनबाद पुलिस की कार्रवाई के बाद सरगुजा में उसके नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में सरगुजा पुलिस ने गैंगस्टर के सहयोगी जावेद, बस संचालक बैदुल खान समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस के अनुसार, सब्बीर आलम अपने पार्टनर बैदुल खान के साथ मिलकर शमीम बस सर्विस का संचालन कर रहा था। इसके अलावा उसने राजहंस कंपनी की दो बसें भी खरीदी थीं, जिन्हें बिहार के सासाराम और पटना रूट पर चलाया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि गैंगस्टर के सिंडिकेट द्वारा एसईसीएल समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 40 एंबुलेंस संचालित की जा रही थीं। वहीं खरसिया नाका क्षेत्र के आसपास जमीन खरीदकर प्लॉटिंग और रियल एस्टेट का कारोबार भी शुरू कर दिया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सब्बीर आलम, उसके भाई शाहिद आलम और अन्य सहयोगियों पर वर्ष 2001 में धनबाद के डॉन फहीम खान की मां नजमा खातून और मौसी शहनाज खातून की हत्या का आरोप है। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद वर्ष 2013 में पेशी के दौरान एक आरोपी फरार हो गया था। इसके बाद सब्बीर आलम अपने सहयोगियों के साथ सरगुजा पहुंचा और यहां अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया।
धनबाद पुलिस की दबिश के बाद अब सरगुजा में गैंगस्टर के पूरे आर्थिक नेटवर्क की परतें खुल रही हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अवैध संपत्तियों व कारोबार की भी पड़ताल की जा रही है।
