बैंड-बाजे, बारात और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रामीणों ने निभाई वर्षों पुरानी परंपरा
सूरजपुर/प्रतापपुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र के एक गांव में अच्छी बारिश और बेहतर फसल की कामना को लेकर ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए मेंढक और मेंढकी का अनोखा विवाह कराया। इस अनूठे आयोजन में पूरा गांव बाराती बनकर शामिल हुआ। बैंड-बाजे की धुन पर ग्रामीण नाचते-गाते विवाह स्थल पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ समारोह में भाग लिया।
विवाह वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। ग्रामीणों का मानना है कि मेंढक-मेंढकी का विवाह कराने से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है, जिससे किसानों की फसल अच्छी होती है तथा सुख-समृद्धि आती है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर बार सूखे जैसी स्थिति बनने पर या अच्छी वर्षा की कामना के लिए इस तरह का आयोजन किया जाता है। इस अनोखी शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
