वन सलाहकार समिति ने SECL की पेलमा और अंबुजा सीमेंट्स के फुंगा कोयला परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी देने की सिफारिश की।
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दो बड़ी कोयला खनन परियोजनाओं के लिए करीब 1,000 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग का रास्ता साफ हो गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (FAC) ने दोनों परियोजनाओं को सैद्धांतिक (इन-प्रिंसिपल) मंजूरी देने की सिफारिश की है।
पहली परियोजना साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की पेलमा ओपनकास्ट कोयला खदान से जुड़ी है। इसके लिए 360 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव रखा गया है। उल्लेखनीय है कि SECL ने वर्ष 2023 में अडाणी समूह की पेलमा कोलियरीज के साथ इस खदान के संचालन को लेकर समझौता किया था।
वहीं दूसरी परियोजना अंबुजा सीमेंट्स के फुंगा भूमिगत कोयला ब्लॉक से संबंधित है। इस परियोजना के लिए 620 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि के उपयोग का प्रस्ताव है।
दोनों परियोजनाओं को वन सलाहकार समिति की सिफारिश मिलने के बाद अब आगे की वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी होने पर खनन कार्य का मार्ग प्रशस्त होगा।
