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‘वंदे मातरम्’ को खंडित करने का कांग्रेस का इतिहास तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का प्रमाण : भाजपा


रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो पदों को गाने के प्रस्ताव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रुख उसकी तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति को दर्शाता है।


सांसद पाण्डेय ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की चेतना और राष्ट्रभक्ति का अमर उद्घोष है। स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत ने लोगों में देशभक्ति और संघर्ष की भावना जगाने का काम किया।


उन्होंने कहा कि संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ की जगह केवल दो पदों को स्वीकार करने की जिद राष्ट्रभावना के साथ समझौता है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थ और एक वर्ग विशेष को साधने के लिए राष्ट्रभक्ति के प्रतीकों को हमेशा कमजोर करने का प्रयास किया है।


पाण्डेय ने कहा कि जिन क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए ‘वंदे मातरम्’ संघर्ष का उद्घोष था, उस गीत की सम्पूर्णता को नकारना उनके बलिदान और देश की सांस्कृतिक चेतना का अपमान है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संपूर्ण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और मां भारती के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


भाजपा सांसद ने दावा किया कि देश की जनता कांग्रेस की इस कथित विभाजनकारी मानसिकता को समझ चुकी है और राष्ट्र के मान-बिंदुओं से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।

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