धमतरी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी स्थित सिहावा रोड के घर पहुंची और दस्तावेजों व अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे दो वाहनों से रामगोपाल अग्रवाल के आवास पहुंची। टीम में सुरक्षा बल के जवानों समेत करीब आठ अधिकारी-कर्मचारी शामिल बताए गए हैं। जांच के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक रही। टीम ने घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों और अन्य जरूरी रिकॉर्ड की पड़ताल की।
शराब, कोल और कस्टम मिलिंग मामलों से जुड़े तार
ईडी की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले के साथ-साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है। जांच एजेंसी इन मामलों में कथित तौर पर हुए वित्तीय लेन-देन और रकम के प्रवाह से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।
कथित शराब घोटाले की जांच में करीब 3,200 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट के जरिए अवैध बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया था। हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले में जांच व अदालती प्रक्रिया जारी है।
हाल ही में गिरफ्तार हुए हैं रामगोपाल अग्रवाल
रामगोपाल अग्रवाल को ईडी ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। इसके बाद उन्हें पीएमएलए अदालत से ईडी हिरासत मिली थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित धन को इधर-उधर करने में उनकी भूमिका रही है। ईडी इसी वित्तीय नेटवर्क और रकम के लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
ईडी की धमतरी स्थित आवास पर कार्रवाई के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। कार्रवाई पूरी होने के बाद जांच के अगले चरण और संभावित कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
