2600 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप, स्विचयार्ड में आगजनी; 100 करोड़ से अधिक नुकसान की आशंका
कोरबा। NTPC कोरबा विद्युत संयंत्र में शनिवार को PGCIL ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान बड़ा तकनीकी हादसा हो गया। यूनिट क्रमांक-6 में टेस्टिंग के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी के बाद संयंत्र की सभी सातों यूनिटें एक साथ ट्रिप हो गईं। इससे करीब 2600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया।
घटना के दौरान स्विचयार्ड के इंसुलेटर में खराबी आने के बाद आगजनी भी हुई। इसके चलते करीब दो घंटे तक कई जिलों के साथ अन्य राज्यों में भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
हादसे की सूचना मिलते ही NTPC का तकनीकी और ऑपरेशन अमला सक्रिय हो गया। विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी स्थिति की जांच शुरू की और ट्रिप हुई यूनिटों को क्रमश: सिंक्रोनाइज कर उत्पादन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की। NTPC प्रबंधन के अनुसार यूनिटों को रिवाइव करने का काम जारी था और देर रात तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद थी।
100 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान
सातों यूनिटों के एक साथ बंद होने से बिजली उत्पादन में भारी व्यवधान आया। प्रारंभिक तौर पर इस घटना से 100 करोड़ रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, नुकसान का यह आंकड़ा फिलहाल प्रारंभिक अनुमान है। वास्तविक नुकसान का आकलन तकनीकी जांच और उत्पादन व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही हो सकेगा।
टेस्टिंग प्रक्रिया पर उठे सवाल
घटना के बाद PGCIL बे में की जा रही टेस्टिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। टेस्टिंग के दौरान ऐसी स्थिति क्यों बनी, जिससे संयंत्र की सातों यूनिटें एक साथ ट्रिप हो गईं? क्या निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था और फॉल्ट का वास्तविक कारण क्या था? इन सभी बिंदुओं की तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
