बालोद। जालसाजी और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े आरोपों के बीच भाजपा ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला को पार्टी के सभी संगठनात्मक दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय की ओर से जारी आदेश में तिगाला से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पार्टी ने उनसे यह भी जवाब मांगा है कि क्यों न उन्हें भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया जाए। आदेश में सोशल मीडिया पर सामने आए जालसाजी संबंधी आरोपों और उनके खिलाफ आर्थिक मामलों से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, तिगाला के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में भी शिकायत की गई है। शिकायत में चिटफंड, आर्थिक लेन-देन में गड़बड़ी, आय से अधिक संपत्ति तथा डीएमएफ के काम दिलाने के नाम पर एडवांस रकम लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के नाम व लेटरहेड के कथित दुरुपयोग की शिकायत भी सामने आई है।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्णय के आधार पर की गई है। अब तिगाला के स्पष्टीकरण के बाद पार्टी आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
